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मतदाता सूची को दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए जनपद में मतदाता सूची को पढ़कर सुनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने नाम की जांच कर सके और किसी भी त्रुटि पर दावा या आपत्ति दर्ज करा सके। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपद-वासियों से इस बाबत अपील की है।
बूथों पर पढ़ी जाएगी मतदाता सूची
Kushinagar: एसआईआर के बाद अगर आपका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया है, तो आपके पास एक और मौका है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव मिश्रा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर जनपद की समस्त विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस क्रम में दिनांक 06 जनवरी, 2026 को जनपद के समस्त मतदान बूथों पर मतदाता सूची का आलेख्य (ड्राफ्ट) प्रकाशन कर दिया गया है।
उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत कल यानी दिनांक 11 जनवरी, 2026 (रविवार) को जनपद के सभी मतदान बूथों पर मतदाता सूची का पठन-पाठन (पढ़कर सुनाया जाना) किया जाएगा। यदि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है अथवा नाम, पता, आयु आदि में संशोधन की आवश्यकता हो, तो मतदाता दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करने की अवधि 06 जनवरी, 2026 से 06 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, वे सभी नागरिक जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने हेतु फॉर्म-6 भरकर संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास जमा कर सकते हैं। साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
मतदाता पुनरीक्षण कार्य में कोई बाधा न आए, इसके लिए रविवार के सार्वजनिक अवकाश के बावजूद उन सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और कार्यालयों को खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां मतदेय स्थल स्थित हैं। संबंधित प्रधानाचार्यों और प्रभारी अधिकारियों को बीएलओ के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।
उन्होंने जनपद के समस्त पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर मतदाता सूची का अवलोकन कर अपने नाम का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर दावा/आपत्ति प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि इस अवसर का लाभ उठाएं। सही और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष और मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है, और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही यह कार्य सफल हो सकता है।