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कुशीनगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महिला एवं बाल सुरक्षा योजनाओं और सड़क सुरक्षा को लेकर अहम बैठकें हुई। पॉक्सो पीड़िता को क्षतिपूर्ति देने का निर्णय लिया गया, जबकि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रवर्तन और सख्त करने के निर्देश दिए गए।
डीएम और एसपी ने की मीटिंग
Kushinagar: कुशीनगर में महिला और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। विकास भवन सभागार में आयोजित दो अहम बैठकों में साफ संदेश दिया गया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की बारीकी से पड़ताल की गई, वहीं दूसरी बैठक में सड़क हादसों को लेकर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
कुशीनगर में आयोजित जिला स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत दो प्रकरण पेश किए गए। समिति ने पॉक्सो एक्ट के एक मामले में पीड़िता को क्षतिपूर्ति देने का फैसला किया, जबकि एक मामला साक्ष्य के अभाव में लंबित रखा गया। आठ मामलों में एफएसएल रिपोर्ट न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को फौरन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पॉक्सो मामलों में पीड़िताओं की मेडिकल जांच में पूरा सहयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि सही आधार पर आर्थिक सहायता दी जा सके।
बैठक में मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, वन स्टॉप सेंटर और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही हर योजना का क्रियान्वयन हो और किसी स्तर पर ढिलाई न हो।
सड़क सुरक्षा पर कड़ा संदेश
दूसरी ओर जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि पिछले साल की तुलना में इस साल सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में कमी आई है। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष जताया, लेकिन साथ ही प्रवर्तन कार्रवाई और सख्त करने के निर्देश दिए।
एआरटीओ ने बताया कि हेल्मेट और सीट बेल्ट न लगाने वालों पर नियमित चेकिंग और चालान हो रहे हैं। डीएम ने खास तौर पर स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, ड्राइवरों की आंखों की जांच और चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने को कहा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधार कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग मिलकर ठोस कदम उठाएं, ताकि जिले में हादसों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।