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खुरपका रोग का बढ़ता प्रकोप (Img: Dynamite News)
Maharajganj: कोल्हुई क्षेत्र में इन दिनों पशुओं में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में गाय, भैंस और अन्य दुधारू पशु इस संक्रामक बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। बीमारी के कारण पशुओं के मुंह में छाले पड़ रहे हैं, खुरों में घाव बन रहे हैं और उन्हें चलने-फिरने और चारा खाने में काफी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही दूध उत्पादन में भी लगातार गिरावट आ रही है, जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कोल्हुई पशु चिकित्सालय में लंबे समय से नियमित पशु चिकित्सक की तैनाती नहीं है। इसके चलते बीमार पशुओं का समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में पशुपालकों को निजी चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ रहा है या कई किलोमीटर दूर स्थित अन्य पशु चिकित्सालयों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि उठानी पड़ रही है।
पशुपालकों का कहना है कि क्षेत्र के कई गांवों में खुरपका रोग तेजी से फैल रहा है। अगर समय रहते प्रभावी उपचार, दवा और टीकाकरण की व्यवस्था नहीं की गई तो संक्रमण और अधिक फैल सकता है, जिससे पशुधन के साथ-साथ पशुपालकों की आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
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कोल्हुई क्षेत्र के कपिल यादव, श्रीचंद वर्मा, लम्बू यादव, राजनारायण यादव, त्रियुगी राय सहित कई पशुपालकों ने जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग से मांग की है कि कोल्हुई पशु चिकित्सालय में तत्काल नियमित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। साथ ही प्रभावित गांवों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर दवा वितरण, उपचार और व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जाए, ताकि बीमारी पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके और क्षेत्र के पशुधन को सुरक्षित रखा जा सके।
Location : Maharajganj
Published : 4 July 2026, 6:00 PM IST