हिंदी
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर मौत का सामान (Img: AI)
Ghazipur: दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर एक सतर्क लोको पायलट की सूझबूझ ने संभावित बड़े रेल हादसे को टाल दिया। स्थानीय स्टेशन के पास डिग्री गांव के निकट अप लाइन पर लोहे का भारी फ्लैप डोर पड़ा मिला, जिससे संघमित्रा एक्सप्रेस टकरा गई। हालांकि उस समय ट्रेन की गति कम होने के कारण बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना 2 जुलाई की रात की है। संघमित्रा एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर जा रही थी। डिग्री गांव के पास पहले से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा लागू थी। इसी दौरान लोको पायलट की नजर ट्रैक पर पड़े लोहे के फ्लैप डोर पर पड़ी। ट्रेन रोकने की कोशिश की गई, लेकिन इंजन का पहिया फ्लैप डोर से टकरा गया। इसके बाद चालक ने ट्रेन को पीछे किया, ट्रैक से फ्लैप डोर हटाया और स्टेशन को पूरी जानकारी दी।
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि मालगाड़ी का फ्लैप डोर रेलवे ट्रैक पर आया कैसे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शाम के बाद उस रूट से केवल एक मालगाड़ी गुजरी थी। यदि उसी से फ्लैप डोर गिरा होता तो बाद में गुजरने वाली अन्य ट्रेनों के चालक इसकी सूचना जरूर देते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी वजह से जांच एजेंसियां हर संभावना पर विचार कर रही हैं।
रेलवे सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर फ्लैप डोर ट्रैक पर रखकर दुर्घटना कराने की कोशिश तो नहीं की। यदि ऐसा हुआ है तो मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि रेलवे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौती का बन सकता है। फिलहाल अधिकारी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
घटना के बाद दानापुर मंडल के डीआरएम ने विस्तृत जांच के आदेश दिए। शनिवार को आरपीएफ के वरिष्ठ मुख्य सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरपीएफ और परिचालन विभाग संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह महज एक तकनीकी चूक थी या फिर किसी बड़ी साजिश की कोशिश।
Location : Ghazipur
Published : 4 July 2026, 6:03 PM IST
No related posts found.