क्या महाराजपुर के खेत हो जाएंगे बंजर? संकट में आम आदमी का जीवन; जहरीले क्रोमियम कचरे ने बढ़ाई चिंता

कानपुर के महाराजपुर इलाके में तय मानक से 757 गुना अधिक क्रोमियम वाला जहरीला कचरा मिलने से हड़कंप मच गया है। पुरवामीर समेत 7 जगहों पर हरे रंग का केमिकल वाला कचरा डंप किया गया है, जिससे फसलें सूख रही हैं और भूजल दूषित होने का खतरा है। मामला NGT तक पहुँचने के बाद भी कचरा न हटाए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 27 July 2026, 2:48 PM IST
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Kanpur (Maharajpur): कानपुर के महाराजपुर इलाके में क्रोमियम वाले जहरीले कचरे का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। इलाके में सात अलग-अलग जगहों पर यह खतरनाक कचरा मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जहरीला कचरा खेतों और मिट्टी को नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन प्रशासन की प्रतिक्रिया अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है।

जांच में क्रोमियम का स्तर तय सीमा से कई गुना

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच से पुष्टि हुई कि पुरवामीर गांव से लिए गए नमूनों में क्रोमियम का स्तर तय मानकों से 757 गुना ज्यादा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक पहुंच गया है। हालांकि, एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

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4 नई जगहों पर हरे रंग का केमिकल वाला कचरा

पुरवामीर में पहली बार कचरा मिलने के बाद, ग्रामीणों की शिकायतों पर की गई जांच में चार और जगहों पर क्रोमियम वाला हरा कचरा मिला। इनमें महुआ गांव का मोड़, महोली मोड़ पर सिंह ढाबा के पास का इलाका, श्री वैष्णव रिसॉर्ट के आस-पास का इलाका, शाइन सिटी गेट के आस-पास का इलाका और गैस एजेंसी ऑफिस के पास का इलाका शामिल है। इससे साफ पता चलता है कि जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण का दायरा बढ़ रहा है।

खेतों और भूजल पर मंडरा रहा खतरा

सिंह ढाबा के संचालक के अनुसार, कुछ दिन पहले तड़के दो डंपर ट्रकों ने ढाबे के पास यह कचरा डाला था। चिंता है कि कचरे से रिसने वाले केमिकल खेती वाले खेतों तक पहुंच सकते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां कचरा डाला गया था, वहां सड़क किनारे की वनस्पतियां सूख गई हैं। लोगों को डर है कि जहरीले तत्व धीरे-धीरे मिट्टी और भूजल दोनों को दूषित कर रहे हैं।

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कार्रवाई की बढ़ती मांग; जांच पर सवाल उठे

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा तीन साल पहले लैंडफिल मटीरियल के नाम पर लाया गया था, हालांकि उस समय इसके नुकसानदायक प्रभावों के बारे में पता नहीं था। ग्रामीणों का दावा है कि प्रशासन की जांच सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी कचरा नहीं हटाया गया है और न ही प्रदूषण को रोकने के लिए कोई असरदार कदम उठाए गए हैं। निवासियों ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

Location :  Kanpur (Maharajpur)

Published :  27 July 2026, 2:47 PM IST

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