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क्रोमियम के हरे कचरे ने उड़ाई ग्रामीणों की नींद (Img: Dynamite News)
Kanpur (Maharajpur): कानपुर के महाराजपुर इलाके में क्रोमियम वाले जहरीले कचरे का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। इलाके में सात अलग-अलग जगहों पर यह खतरनाक कचरा मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जहरीला कचरा खेतों और मिट्टी को नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन प्रशासन की प्रतिक्रिया अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच से पुष्टि हुई कि पुरवामीर गांव से लिए गए नमूनों में क्रोमियम का स्तर तय मानकों से 757 गुना ज्यादा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक पहुंच गया है। हालांकि, एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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पुरवामीर में पहली बार कचरा मिलने के बाद, ग्रामीणों की शिकायतों पर की गई जांच में चार और जगहों पर क्रोमियम वाला हरा कचरा मिला। इनमें महुआ गांव का मोड़, महोली मोड़ पर सिंह ढाबा के पास का इलाका, श्री वैष्णव रिसॉर्ट के आस-पास का इलाका, शाइन सिटी गेट के आस-पास का इलाका और गैस एजेंसी ऑफिस के पास का इलाका शामिल है। इससे साफ पता चलता है कि जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण का दायरा बढ़ रहा है।
सिंह ढाबा के संचालक के अनुसार, कुछ दिन पहले तड़के दो डंपर ट्रकों ने ढाबे के पास यह कचरा डाला था। चिंता है कि कचरे से रिसने वाले केमिकल खेती वाले खेतों तक पहुंच सकते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां कचरा डाला गया था, वहां सड़क किनारे की वनस्पतियां सूख गई हैं। लोगों को डर है कि जहरीले तत्व धीरे-धीरे मिट्टी और भूजल दोनों को दूषित कर रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा तीन साल पहले लैंडफिल मटीरियल के नाम पर लाया गया था, हालांकि उस समय इसके नुकसानदायक प्रभावों के बारे में पता नहीं था। ग्रामीणों का दावा है कि प्रशासन की जांच सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी कचरा नहीं हटाया गया है और न ही प्रदूषण को रोकने के लिए कोई असरदार कदम उठाए गए हैं। निवासियों ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
Location : Kanpur (Maharajpur)
Published : 27 July 2026, 2:47 PM IST