हिंदी
फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी आसपास के खेतों तक पहुंच रहा (Img: Dynamite News)
Hamirpur: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सुमेरपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित हिंदुस्तान यूनिलीवर फैक्ट्री को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी आसपास के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। किसानों का दावा है कि इस वजह से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हुई है और कुछ जमीन बंजर होने की स्थिति में पहुंच रही है।
हालांकि, किसानों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
किसानों के मुताबिक, फैक्ट्री के आसपास से निकलने वाले पानी के कारण खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। किसानों की चिंता सिर्फ फसल तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि अगर पानी इसी तरह खेतों में पहुंचता रहा तो आने वाले समय में खेती करना और मुश्किल हो सकता है। इससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
ये भी पढ़ें- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, शहीद का पार्थिव शरीर ले जा रही एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त; चार की मौत
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब किसानों के सामने खेतों के पास नाला बनाए जाने की तैयारी की बात सामने आई। किसानों को डर है कि अगर नाले का निर्माण सही तरीके से नहीं हुआ तो फैक्ट्री या औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला दूषित पानी खेतों की तरफ पहुंच सकता है।
आसपास की फैक्ट्री पर लगे आरोप (Img: Dynamite News)
किसानों ने आशंका जताई है कि इससे पहले से प्रभावित जमीन पर समस्या और गंभीर हो सकती है। इसी वजह से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।
ये भी पढ़ें- चेंजिंग रूम से पेन ड्राइव तक पहुंची पुलिस, ग्राहक बनकर जिम में घुसी टीम; गुजरात में 4 गिरफ्तार
किसानों ने फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल या अन्य पदार्थों के हवा में फैलने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका है।हालांकि, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े इन दावों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है। फिलहाल किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
किसानों की मांग है कि खेतों में पहुंच रहे पानी और प्रभावित जमीन की मिट्टी के नमूने लिए जाएं और उनकी वैज्ञानिक जांच कराई जाए। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि पानी में किसी तरह के हानिकारक रसायन मौजूद हैं या नहीं। किसानों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
Location : Hamirpur
Published : 4 October 2026, 11:58 AM IST