सूरजकुंड, किला और परशुराम आश्रम… सहसवान की विरासत को लेकर क्यों सड़क से प्रशासन तक पहुंचा मामला?

बदायूं के सहसवान में प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग तेज हो गई है। हिंदू शक्ति दल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सरसोता तीर्थ, दण्ड झील, सहस्त्रबाहु किला और भगवान परशुराम आश्रम के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की मांग की। संगठन ने सरसोता की जमीन पर कथित कब्जे और अवैध निर्माणों की जांच की भी मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 24 August 2026, 3:12 PM IST
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Budaun: बदायूं के सहसवान में अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान से जुड़े स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर लाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। प्राचीन धरोहरों की अनदेखी और उनके आसपास कथित कब्जों को लेकर हिंदू शक्ति दल ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने सोमवार को सहसवान तहसील परिसर पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

सरसोता, दण्ड झील और सहस्त्रबाहु किला बने पर्यटन केंद्र

संगठन ने ज्ञापन में सरसोता तीर्थ को प्रमुखता से शामिल किया है। सरसोता को सूरजकुंड के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा दण्ड झील, सहस्त्रबाहु किला और जमुनिया खेड़ा स्थित भगवान परशुराम आश्रम को भी पर्यटन मानचित्र पर शामिल करने की मांग की गई है। हिंदू शक्ति दल का कहना है कि सहसवान का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन लंबे समय से उचित संरक्षण नहीं मिलने के कारण यहां की कई ऐतिहासिक धरोहरें उपेक्षा का शिकार हैं।

सरसोता की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों से कब्जे का आरोप

ज्ञापन में सरसोता तीर्थ की जमीन को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। संगठन ने दावा किया है कि तीर्थ से जुड़ी भूमि पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया गया है। इसके साथ ही वहां अवैध निर्माण कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही सरकारी और तीर्थ से जुड़ी भूमि को कथित कब्जों से मुक्त कराने और प्राचीन स्थल को सुरक्षित करने की मांग रखी गई है।

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सहस्त्रबाहु किले के लिए कॉरिडोर और विशाल प्रतिमा का प्रस्ताव

सहसवान के ऐतिहासिक सहस्त्रबाहु किले को लेकर भी संगठन ने प्रशासन के सामने विस्तृत प्रस्ताव रखा है। ज्ञापन में किले और उसके आसपास कथित अवैध कब्जों की जांच कर उन्हें हटाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि किले का जीर्णोद्धार कर यहां भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की विशाल प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। इसके साथ ही उनके नाम पर भव्य कॉरिडोर विकसित कर आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराया जाए।

भगवान परशुराम आश्रम को भी पर्यटन मानचित्र पर लाने की मांग

जमुनिया खेड़ा स्थित भगवान परशुराम आश्रम को लेकर भी ज्ञापन में मांग रखी गई है। संगठन ने इसे धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला स्थल बताते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आश्रम से जुड़ी मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यहां मूलभूत सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। परिसर का सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने से यह स्थान धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

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कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने कहा कि धरोहरों के संरक्षण और कथित अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों को भी ज्ञापन की प्रतियां भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि प्रशासन इन मामलों में समय रहते कार्रवाई करे और सहसवान की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।

Location :  Budaun

Published :  24 August 2026, 3:10 PM IST

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