‘बरसात में लापरवाही भारी पड़ सकती है’, डेंगू को लेकर गोरखपुर में अलर्ट; अफसरों ने बताया बचाव का आसान तरीका

गोरखपुर में बारिश के बीच डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एनेक्सी भवन में हुई बैठक में अफसरों ने रोकथाम से लेकर जागरूकता तक कई जरूरी निर्देश दिए।

Gorakhpur: बरसात के मौसम में डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने डेंगू नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई और आपसी समन्वय के निर्देश दिए। साथ ही आमजन से घर और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की गई।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तर प्रदेश पी.के. श्रीवास्तव, मंडलायुक्त गोरखपुर इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने डेंगू के लक्षणों की समय रहते पहचान, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने और मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

अधिकारियों ने कहा कि बरसात के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। ऐसे में डेंगू की रोकथाम के लिए घरों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई बेहद जरूरी है। कूलर, गमले, पुराने टायर, कबाड़ और छतों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी गई।

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कार्यक्रम में यूपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक डा. उज्वल कुमार, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पवन कुमार अरुण, महानिदेशक परिवार कल्याण डा. शुभ्रा मिश्रा, महानिदेशक प्रशिक्षण डा. रंजना खरे तथा मंडलीय अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य/परिवार कल्याण गोरखपुर डा. जयंत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

क्या हैं डेंगू के लक्षण?

जागरूकता पोस्टरों के जरिए बताया गया कि डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी और शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर बिना देरी किए चिकित्सक या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने स्वयं दवा लेने से बचने और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार कराने पर जोर दिया।

मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का प्रयोग करने की भी अपील की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डेंगू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। हर परिवार की सतर्कता और सामूहिक भागीदारी से ही मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

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बैठक में डेंगू नियंत्रण की तैयारियों, जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों को समन्वय के साथ अभियान चलाने और बरसात के दौरान लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

Location :  Gorakhpur

Published :  24 August 2026, 2:41 PM IST

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