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रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना गुलरिहा पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो शातिर अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर संगठित अपराध पर करारा प्रहार किया है।
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
Gorakhpur: रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना गुलरिहा पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो शातिर अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर संगठित अपराध पर करारा प्रहार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, गैंग लीडर शैलेश शर्मा पुत्र घनश्याम शर्मा और उसका भाई राजेश शर्मा, निवासी जंगल डुमरी नंबर-2, टोला बंगला, थाना गुलरिहा, लंबे समय से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रभावशाली संपर्क और जल्द नौकरी का भरोसा दिलाकर ये लोग मोटी रकम वसूलते थे। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास होता, तब तक आरोपी रकम हड़प चुके होते थे।
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पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की गतिविधियों से क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बन गया था। लोग इनके खिलाफ खुलकर शिकायत करने से भी डरते थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर द्वारा अनुमोदित गैंग चार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई।
गैंग लीडर शैलेश शर्मा का आपराधिक इतिहास भी बेहद चौंकाने वाला है। उसके खिलाफ थाना गुलरिहा और कैम्पियरगंज में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, गाली-गलौज और धमकी देने जैसे गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं, राजेश शर्मा भी इन्हीं मामलों में सह-अभियुक्त रहा है और उस पर भी समान आपराधिक केस दर्ज हैं।
लगातार अपराध करने के बावजूद दोनों अपराधी खुलेआम घूम रहे थे, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य इन अपराधियों की अवैध कमाई पर रोक लगाना और समाज में कानून का भय स्थापित करना है। पुलिस अब इनके नेटवर्क, बैंक खातों और संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है, ताकि ठगी से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सके।
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इस कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय लोगों में राहत की भावना है। आमजन का कहना है कि ऐसे फर्जी नौकरी दिलाने वाले गिरोह बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। पुलिस की यह सख्त कार्रवाई अन्य ठगों के लिए भी कड़ा संदेश है कि संगठित अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।