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कैंची धाम की बर्फबारी दिखाने वाली वायरल तस्वीर के पीछे की सच्चाई सामने आ गई है। एआई से बनी इस फर्जी इमेज ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भ्रमित कर दिया, जिसके बाद कैंची धाम में अचानक भीड़ बढ़ गई।
बर्फबारी वाली तस्वीर की सच्चाई क्या है?
Nainital: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोग इसे गलत दिशा में भी ले जा रहे हैं। एआई पर तैयार फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर इतनी तेजी से फैल रहे हैं कि असल और नकली में फर्क करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कई बार ये फर्जी तस्वीरें लोगों को गुमराह कर देती हैं और अनावश्यक भीड़ व अफवाहों का कारण भी बनती हैं।
ठंड बढ़ने के साथ ही पहाड़ों में शुक्रवार को हुई वास्तविक बर्फबारी देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। लेकिन उसी बीच इंटरनेट मीडिया पर अचानक नैनीताल स्थित कैंची धाम की भारी बर्फबारी वाला एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियों को बर्फ से ढका हुआ दिखाया गया था। देखने वालों को लगा कि कैंची धाम में भी जबरदस्त बर्फबारी हुई है और लोग वहां पहुंचने लगे। कई श्रद्धालु जगह पर पहुंचे तो निराश होकर लौटे, क्योंकि वहां वैसी कोई स्थिति नहीं थी।
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एआई से तैयार किए गए इस वीडियो ने लोगों को उलझन में डाल दिया। कैंची धाम में तस्वीरें लेने पहुंचे श्रद्धालुओं के हाथ मायूसी ही लगी। कई लोग एक-दूसरे से पूछते रहे कि असल स्थिति क्या है और आखिर यह तस्वीर सामने आई कहां से। जब सच सामने आया कि वीडियो एआई जनरेटेड था, तब जाकर लोग समझ सके कि वे एक भ्रम का शिकार हो गए थे।
उधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस भ्रामक तस्वीर को लेकर पुलिस भी सक्रिय हो गई है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सोशल मीडिया लैब लगातार निगरानी कर रही है और एआई जनरेटेड वीडियो अपलोड करने वाले यूजर को चिह्नित किया गया है। इसी बीच जागेश्वर धाम का भी एक एआई से तैयार फोटो इंटरनेट पर फैलाया गया, जिसने स्थिति को और अधिक भ्रमित कर दिया।
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पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की फर्जी सामग्री साझा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि इससे न सिर्फ गलत सूचना फैलती है बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी होती है।