नैनीताल की वादियों में बसा हनुमानगढ़ी मंदिर: यहां जानिए इस पावन स्थल की अनोखी कहानी….जो भक्तों में बढ़ाती है आस्था का विश्वास

नैनीताल की हनुमानगढ़ी मंदिर में बाबा नीब करौरी महाराज की साधना और अद्भुत चमत्कार की कहानी आज भी भक्तों के लिए प्रेरणा है। पहाड़ियों और तालों के बीच बसे इस स्थान का प्राकृतिक सौंदर्य और शांति हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है।

Nainital: नैनीताल की हवा में एक अलग सा अपनापन है। ऊंची-नीची पहाड़ियों और खूबसूरत तालों से घिरी यह जगह सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि शांति और आत्मिक अनुभव के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी श्रृंखला में एक खास स्थान है हनुमानगढ़ी, जो समुद्र तल से लगभग दो हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

हनुमानगढ़ी की ऐतिहासिक साधना

बताया जाता है कि जहां आज मंदिर की चमक-दमक दिखती है, वहां पहले एक छोटा सा टीला और जंगल था। यहीं पर बाबा नीब करौरी महाराज ने एक साल तक राम नाम का जाप किया। उनकी साधना इतनी गहरी थी कि आसपास के पेड़-पौधों में भी उस भक्ति की ऊर्जा महसूस होती थी।

अद्भुत चमत्कार

बाबा नीब करौरी से जुड़ा एक प्रसिद्ध किस्सा है। जब उनकी साधना पूरी हुई, उन्होंने भंडारे का आयोजन किया। उस समय प्रसाद बनाने के दौरान घी कम पड़ गया। उपस्थित लोगों ने देखा कि बाबा ने पानी का एक कनस्तर कढ़ाई में डाल दिया, और कुछ ही समय में वह पानी घी जैसा दिखाई देने लगा। इस घटना ने भक्तों की आस्था को और भी गहरा कर दिया।

नैनीताल की सबसे सस्ती मार्केट, जहां किफायती दामों में मिलता है बेहतरीन सामान

मंदिर और मूर्तियां

आज हनुमानगढ़ी में अष्टधातु से बनी भगवान राम, माता सीता, श्रीकृष्ण और बाबा नीब करौरी महाराज की मूर्तियां हैं। इसके अलावा परिसर में माता अंजना मंदिर, देवी मंदिर और शिव मंदिर भी हैं, जहां हर कोई अपनी आस्था के अनुसार सुकून और शांति का अनुभव कर सकता है।

दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव (Img- Internet)

सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य

हनुमानगढ़ी का शाम का नजारा किसी चित्र जैसा लगता है। पहाड़ियों पर उतरती सुनहरी रोशनी और ठंडी हवा उस पल को अविस्मरणीय बना देती है। कई लोग सिर्फ इस दृश्य का आनंद लेने के लिए भी हनुमानगढ़ी आते हैं।

हनुमानगढ़ी कैसे पहुंचें

हनुमानगढ़ी हल्द्वानी–नैनीताल मार्ग पर स्थित है। हल्द्वानी से यह दूरी लगभग 38 किलोमीटर है, जबकि नैनीताल के मुख्य बस स्टेशन से सिर्फ 2 किलोमीटर। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 32 किलोमीटर और पंतनगर हवाईअड्डा 68 किलोमीटर दूर है। दिल्ली और लखनऊ से आने वाले यात्री बस या ट्रेन से हल्द्वानी पहुंचकर टैक्सी या लोकल बस से आसानी से हनुमानगढ़ी पहुँच सकते हैं।

होटल फुल और सड़कें जाम: नैनीताल में पर्यटकों की बाढ़, सैलानियों की भीड़ से शहर हुआ बेहाल

यात्रा और अनुभव

हनुमानगढ़ी का अनुभव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और मानसिक शांति का भी है। यहां पहुंचने वाले भक्त और पर्यटक मंदिर की शांति, आस-पास के पहाड़ों और तालों के मनोरम दृश्य और सूर्यास्त का अद्भुत अनुभव लेकर लौटते हैं।

Location : 
  • Nainital

Published : 
  • 26 January 2026, 11:19 AM IST

Advertisement
Advertisement