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दिव्या ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी जिंदगी में कुछ बहुत अच्छे लोग आए, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वे उनके लिए सही नहीं थे। उन्होंने कहा कि कई बार इंसान को देर से समझ आता है कि कोई रिश्ता उसके लिए ठीक नहीं है। उन्हीं अनुभवों के बाद उन्हें अकेले रहने में शांति और आत्मसंतोष मिला।
Divya Dutta
Mumbai: बॉलीवुड की मोस्ट टैलेंटेड और भरोसेमंद अभिनेत्रियों में शुमार दिव्या दत्ता ने अपने दमदार अभिनय से हर पीढ़ी के दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई है। तीन दशक से ज्यादा के करियर में उन्होंने प्रेमिका, पत्नी, मां और मजबूत महिला जैसे कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन उनकी निजी जिंदगी हमेशा से चर्चा का विषय रही है। 48 साल की उम्र में भी अविवाहित रहने वाली दिव्या दत्ता ने अब पहली बार खुलकर बताया है कि शादी उनकी जिंदगी की प्राथमिकता क्यों नहीं है।
क्यों नहीं की दिव्या दत्ता ने शादी
पिंकविला को दिए हालिया इंटरव्यू में दिव्या दत्ता ने बेहद ईमानदारी से अपनी निजी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी मजबूरी का नहीं, बल्कि अनुभव से निकले सबक का नतीजा है। दिव्या ने माना कि उन्होंने जिंदगी में कई गलतियां की हैं और उन्हीं गलतियों से उन्होंने सीखा। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने पहले प्यार और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप की तलाश की, लेकिन वक्त के साथ समझ आया कि शादी या लंबे रिश्ते को निभाना जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही मुश्किल भी होता है।
एक्टर की जिंदगी और रिश्तों की चुनौती
दिव्या दत्ता का कहना है कि एक्टर की प्रोफेशनल लाइफ अपने आप में काफी चुनौतीपूर्ण होती है। अनप्रेडिक्टेबल काम, हाई-प्रोफाइल लाइफ और मानसिक दबाव के चलते रिश्तों में संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे प्रोफेशन में एक बेहद समझदार, सुरक्षित और आत्मनिर्भर पार्टनर की जरूरत होती है, जो न सिर्फ उनके करियर को समझे बल्कि खुद के स्पेस में भी पूरी तरह सहज हो।
पिछले रिश्तों से मिला सबक
दिव्या ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी जिंदगी में कुछ बहुत अच्छे लोग आए, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वे उनके लिए सही नहीं थे। उन्होंने कहा कि कई बार इंसान को देर से समझ आता है कि कोई रिश्ता उसके लिए ठीक नहीं है। उन्हीं अनुभवों के बाद उन्हें अकेले रहने में शांति और आत्मसंतोष मिला। उनके मुताबिक, सही पार्टनर वही होता है जो मुश्किल वक्त में हाथ थामे, भरोसा दे और आपसी देखभाल को सबसे ऊपर रखे, जो उन्हें अब तक नहीं मिल सका।
प्यार के लिए दिल खुला, शादी के लिए नहीं
महामारी के दौर ने दिव्या दत्ता को अपनी जिंदगी को नए सिरे से समझने का मौका दिया। उन्होंने महसूस किया कि खुश और पूरा महसूस करने के लिए शादी जरूरी नहीं है। दिव्या ने साफ कहा कि वह आज भी प्यार के लिए तैयार हैं, लेकिन शादी उनके जीवन का लक्ष्य नहीं है। उनके लिए आत्मशांति, समझ और भावनात्मक संतुलन सबसे अहम है, जो उन्हें अपनी मौजूदा जिंदगी में मिल रहा है।