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आईएसआई के पूर्व कैप्टन अब्दुल्लाह शफीक ने बैठक में पंजाब के जरिए भारत को अस्थिर करने का पूरा खाका पेश किया। इस दौरान 153 आतंकी हैंडलरों और गैंगस्टरों के नामों पर चर्चा हुई, जिन्हें इस साजिश में इस्तेमाल किया जाना था। हथियारों की सप्लाई, फंडिंग और टारगेट तय करने तक की पूरी प्लानिंग की गई।
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Punjab: देश में 26 जनवरी की तैयारियों के बीच एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला इनपुट सामने आया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष आतंकियों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की खतरनाक साजिश रची है। यह साजिश पीओके के मुजफ्फराबाद में एक गुप्त बैठक के दौरान तैयार की गई, जहां भारत के खिलाफ आतंकी हमलों का पूरा रोडमैप तय किया गया।
मुजफ्फराबाद में हुई गुप्त बैठक
खुफिया सूत्रों के मुताबिक 20 जनवरी की देर रात पीओके के मुजफ्फराबाद में आईएसआई, लश्कर और जैश के कमांडरों की एक गुप्त बैठक आयोजित हुई। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक की अगुवाई लश्कर-ए-ताइबा के पीओके चीफ रिजवान हनीफ ने की। बैठक में उसके सेकंड इन कमांड आमिर जिया, आईएसआई का पूर्व एजेंट अब्दुल्लाह शफीक और जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर मोहम्मद शोएब भी मौजूद था।
26 जनवरी को देश में अशांति फैलाने का टास्क
बैठक में आईएसआई ने लश्कर और जैश को साफ निर्देश दिया कि 26 जनवरी के दिन पंजाब के रास्ते पूरे देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जाए। इसके लिए पंजाब के गैंगस्टरों और विदेश में बैठे आतंकियों के गुर्गों के जरिए हथियार सप्लाई की पूरी योजना बनाई गई। आतंकियों को न सिर्फ गणतंत्र दिवस बल्कि उसके बाद भी लगातार वारदातों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया।
आतंकियों को छुड़ाने की साजिश
सूत्रों के अनुसार बैठक की शुरुआत आतंकी यासीन मलिक और आयशा अंदराबी को लेकर हुई। तय किया गया कि 23 जनवरी को कश्मीर घाटी में पोस्टर लगाए जाएंगे और माहौल खराब कर उनकी रिहाई की मांग को हवा दी जाएगी। इसके साथ ही भारत पर दबाव बनाने के लिए हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की रणनीति भी बनाई गई।
पंजाब बना आतंक का प्रवेश द्वार
आईएसआई के पूर्व कैप्टन अब्दुल्लाह शफीक ने बैठक में पंजाब के जरिए भारत को अस्थिर करने का पूरा खाका पेश किया। इस दौरान 153 आतंकी हैंडलरों और गैंगस्टरों के नामों पर चर्चा हुई, जिन्हें इस साजिश में इस्तेमाल किया जाना था। हथियारों की सप्लाई, फंडिंग और टारगेट तय करने तक की पूरी प्लानिंग की गई।
खुफिया एजेंसियां सतर्क, गिरफ्तारियां शुरू
इस आतंकी साजिश की पूरी रिपोर्ट और बैठक की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आने के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इन इनपुट्स के आधार पर पंजाब पुलिस ने कुछ आतंकियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कई गैंगस्टर और आतंकी अभी भी सक्रिय हैं और गणतंत्र दिवस पर बड़ी वारदात की फिराक में हैं।
देशभर में बढ़ाई गई सुरक्षा
इस खुलासे के बाद पंजाब समेत कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमाओं से लेकर संवेदनशील इलाकों तक निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी साजिश को वक्त रहते नाकाम किया जा सके।