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नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद यूरेका पार्क सोसायटी में शोक सभा आयोजित की गई, जहां परिवार ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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Noida: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हादसे के बाद जहां परिवार गहरे सदमे में है, वहीं प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल और गुस्सा दोनों बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित यूरेका पार्क सोसायटी में आयोजित शोक सभा में मातम के साथ-साथ सिस्टम के खिलाफ आक्रोश भी साफ दिखाई दिया। युवराज के पिता ने सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
यूरेका पार्क में शोक सभा, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
युवराज मेहता की शोक सभा में सोसायटी के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर युवराज को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। शोक सभा में गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और दादरी विधायक तेजपाल नागर भी पहुंचे, हालांकि दोनों ही नेता मीडिया से दूरी बनाते नजर आए।
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
शोक सभा के दौरान युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने कहा कि अगर समय रहते प्रशासन और बचाव दल ने जिम्मेदारी निभाई होती, तो उनका बेटा आज जिंदा होता। उन्होंने कहा कि युवराज ने हालात से हार नहीं मानी थी और करीब दो घंटे तक संघर्ष करता रहा, लेकिन बचाव दल ने कोई ठोस पहल नहीं की। यही लापरवाही उसकी जान ले गई।
मीडिया को कहा धन्यवाद
राजकुमार मेहता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दुख की इस घड़ी में मीडिया ने उनका साथ दिया और प्रशासनिक लापरवाही को देश के सामने मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि मीडिया की वजह से ही यह मामला दबने से बचा और दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद जगी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे अपने बेटे को वापस नहीं ला सकते, लेकिन चाहते हैं कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
बेटे के साहस को किया याद
राजकुमार मेहता ने युवराज के साहस को याद करते हुए कहा कि जलभराव वाले गड्ढे में गिरने के बाद भी युवराज ने हिम्मत नहीं हारी। उसने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की और सबको पर्याप्त समय भी दिया, लेकिन लापरवाही ने उसकी जान ले ली। उनका कहना था कि युवराज को आसानी से बचाया जा सकता था।
मुनेंद्र और सरकार का जताया आभार
उन्होंने डिलीवरी बॉय मुनेंद्र का भी आभार जताया, जिसने बिना अपनी जान की परवाह किए नाले में उतरकर युवराज को बचाने की कोशिश की। साथ ही यूपी सरकार का धन्यवाद किया, जिसने मामले में संज्ञान लेते हुए एसआईटी गठित की। राजकुमार मेहता ने दो टूक कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।