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नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात को जानलेवा हमले की बड़ी खबर सामने आयी है। हालांकि वह बाल-बाल बच गए। सुरक्षाबलों ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है।
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला
New Delhi: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात को एक शादी समारोह में जानलेवा हमला हुआ। हालांकि वह बाल-बाल बच गए। इस समारोह में उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे। वह जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शिरकत करने गए थे।
फारूख अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अल्लाह रहमदिल है। मेरे पिता बहुत बड़े खतरे से बाल-बाल बचे हैं। क्लोज प्रोटेक्शन टीम की सतर्कता की वजह से गोली का रुख मोड़ दिया गया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा में रहने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति आखिर कैसे पहुंच गया। उन्होंने अपने पिता पर हुए इस जानलेवा हमले को हत्या की कोशिश बताया है।
जानकारी के अनुसार फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने चुपचाप फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब जाकर गोली चला दी लेकिन गनीमत रही कि वह इस हमले में बाल-बाल बच गए।
इस घटना में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को छर्रे लगने से मामूली चोटें जरूरी आई हैं। इस घटना से हर तरफ हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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पुलिस ने बताया कि इस मामले की बारीकी से जांच हो रही है। घटना से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंघाली जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल खनन के कारोबार से जुड़ा हुआ है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे वह नाराज बताया जा रहा है।
घटना के समय मौजूद जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंद ने भी पुष्टि की कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक पर सवाल उठाए। जम्मू जोन के आईजीपी भी मामले की जांच के लिए गंग्याल पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां आरोपी को हिरासत में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही हमले के पीछे की साजिश का खुलासा हो पाएगा।