पहलगाम हमला: जानिये आतंक के खिलाफ भारत के वे फैसले जिसने दुश्मनों की नींद उड़ा दी

पहलगाम हमले के एक साल बाद भारत की रणनीति में आए बड़े बदलावों ने सबका ध्यान खींचा है। आईये जानते हैं कि पहलगाम हमले के बाद क्या-क्या बदलाव हुए जिसने दुश्मनों को चौंका दिया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 22 April 2026, 11:08 AM IST
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New Delhi: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बायसरन घाटी में हुआ आतंकी हमला आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। इस हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। पूरे देश में उस समय शोक और गुस्से का माहौल था। इस घटना के बाद भारत ने सिर्फ दुख नहीं मनाया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ अपने रवैये को पूरी तरह बदल दिया।

ऑपरेशन सिंदूर बना सीधा जवाब

हमले के तुरंत बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया। इसके तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। जब पाकिस्तान की तरफ से जवाबी कोशिश हुई, तो भारत ने उसके सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।

ऑपरेशन महादेव: आतंकियों का अंत

हमले के पीछे छिपे आतंकियों को खत्म करने के लिए “ऑपरेशन महादेव” शुरू किया गया। सेना और सुरक्षाबलों ने 93 दिन तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। जिसमें करीब 250 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद तीनों आतंकियों, सुलेमान शाह, हमजा अफगानी और जिबरान को मार गिराया गया।

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NIA की जांच और गिरफ्तारियां

हमले के बाद जांच एजेंसियों ने भी तेजी से काम किया। NIA ने दो स्थानीय मददगारों, परवेज अहमद और बशीर जोथर को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ में पाकिस्तान से जुड़े फंडिंग और संपर्क के बारे में जानकारी मिली।

भारत-पाकिस्तान के रिश्ते और खराब हुए

इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और बिगड़ गए। भारत ने सिंधु जल संधि को खत्म कर दिया और पाकिस्तानी अधिकारियों को वापस भेज दिया। जवाब में पाकिस्तान ने भी शिमला समझौते को सस्पेंड कर दिया। दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया, हालांकि बाद में सीजफायर हुआ।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीति

पहलगाम हमले के बाद भारत ने अपनी नीति में कुछ बड़े बदलाव किए:

1. पहले से कार्रवाई की नीति (Pre-emptive Action)

अब भारत किसी हमले के होने का इंतजार नहीं करता। अगर पहले ही जानकारी मिल जाए कि सीमा पार आतंकी सक्रिय हैं, तो उन पर पहले ही कार्रवाई की जाती है। यानी खतरे को शुरू होने से पहले खत्म करने की कोशिश की जाती है।

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2. छिपे युद्ध का खुला जवाब

पहले आतंकवाद को एक तरह का छिपा हुआ युद्ध माना जाता था, लेकिन अब भारत इसे सीधे टकराव की तरह ले रहा है। इसका मतलब है कि जवाब सिर्फ आतंकियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उनके पीछे खड़े तंत्र पर भी असर डाला जाएगा।

3. दुनिया के सामने सख्त रुख

भारत ने साफ कर दिया है कि जो देश आतंकवाद का समर्थन करते हैं, उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे देशों पर दबाव बनाने और उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश तेज हुई है।

4. आम लोगों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान

पहलगाम में हमला पर्यटकों पर हुआ था इसलिए अब पर्यटन स्थलों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत और सैन्य स्तर की कर दी गई है।

5. आर्थिक स्तर पर सख्ती

नई नीति के तहत यह भी तय किया गया कि दुश्मन देश के साथ सामान्य व्यापार नहीं किया जाएगा। इसलिए आर्थिक रिश्तों को सीमित या बंद करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  22 April 2026, 11:08 AM IST

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