पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिकी सांसद बोले ‘लश्कर-जैश पर नकेल कसे पाकिस्तान’

भारतीय दूतावास की ओर से ‘आतंकवाद की मानवीय कीमत’ विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें 2025 के पहलगाम हमले और मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 23 April 2026, 1:18 PM IST
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Washington: पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास की प्रदर्शनी में 2025 के दौरान अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। इस मौके पर भारतीय दूतावास की ओर से ‘आतंकवाद की मानवीय कीमत’ विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें 2025 के पहलगाम हमले और मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम में अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां सक्रिय आतंकी संगठनों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने 2025 के पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। सांसद ने दावा किया कि इस हमले के पीछे ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ का हाथ था, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन संगठनों को पाकिस्तान में पनाह मिलने की खबरें लगातार सामने आती रही हैं, जिसे रोकना जरूरी है।

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पाक सरकार उठाये कदम

ब्रैड शर्मन ने पाकिस्तान सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने के बजाय आतंकवाद के खिलाफ ठोस और पारदर्शी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे आतंकी नेटवर्क न केवल भारत बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।

इस कार्यक्रम में 7 मई 2025 को भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया गया। इस कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद लश्कर और जैश के नौ ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच लगभग 88 घंटे तक सैन्य तनाव बना रहा जो 10 मई की शाम समाप्त हुआ।

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भारत और अमेरिका को खतरा

कार्यक्रम में मौजूद अमेरिकी सांसद रिचर्ड मैककॉर्मिक ने आतंकवाद को “एक अनोखी बुराई” बताते हुए कहा कि यह भारत और अमेरिका दोनों के लिए समान रूप से खतरा है। उन्होंने कहा कि जो ताकतें हिंसा के जरिए समाज की विविधता को खत्म करना चाहती हैं, वही वास्तविक रूप से वैश्विक शांति की सबसे बड़ी दुश्मन हैं।

वॉशिंगटन में आयोजित यह प्रदर्शनी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को शांति समर्थक देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है और विभिन्न कूटनीतिक प्रयासों में सक्रिय दिख रहा है।

Location :  Washington/New Delhi

Published :  23 April 2026, 1:18 PM IST

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