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अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर भारत की गैस सप्लाई पर पड़ा है। जिसकी वजह से अब होटल रेस्टोरेंट में भी कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसका सीधा असर कई लोगों पर देखने को मिल रहा है।
मुजफ्फरनगर में एलपीजी सप्लाई का संकट
Muzaffarnagar: ईरान–अमेरिका युद्ध का असर अब सीधे तौर पर देश में देखा जाने लगा है। मुजफ्फरनगर भी इससे अछूता नहीं है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर होटल–ढाबों और घर की रसोई के साथ साथ अब शादी–विवाहों पर भी हो रहा है।
जानकारी के अनुसार घरेलू रसोई गैस की 25 दिन की बुकिंग और बढ़ी कीमतों के अलावा कमर्शियल गैस सिलेंडर पर रोक के बाद शादी–विवाहों के मंडप को प्रभावित करके रख दिया है। शादी वाले घर में व्यस्तता के बावजूद भी हलवाई के लिए गैस सिलेंडर की व्यवस्था करने में जुटे रहे।
मुजफ्फरनगर में महायुद्ध की मार, सिलेंडर के लिए हाहाकार, देखिए क्या बोले उपभोक्ता
➡️इजरायल-ईरान के युद्ध का असर भारत पर भी पड़ा
➡️गैस सप्लाई बाधित
➡️होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बंद
➡️शादी समारोह में एलपीजी की दिक्कत
➡️होटल व्यवसाय बंद होने के कगार… pic.twitter.com/8rOdPeDwb6— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 11, 2026
रुड़की रोड के राज महल बैंक्वेट हॉल में बुधवार को आयोजित मानव त्यागी की शादी भी इससे अछूती नहीं रही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यदि यह तनाव कुछ और दिन चला तो मुज़फ्फरनगर में चल रहा शादियों का सीजन भी इससे प्रभावित हो सकता है।
दूल्हे के चाचा पवन बताते हैं कि हमने गैस सिलेंडर की व्यवस्था ना की होती तो बहुत दिक्कत होती। अभी भी ये हाल रहा कि हमने कुछ गैस सिलेंडर अपने जानकारों से लिए हैं। किसी से पूरा सिलेंडर मिला तो किसी से आधा ही मिल सका। युद्ध के बाद से हमें इसका आभास होने लगा था, इसलिए हमने पहले से ही व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे!"
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खाना बना रहे हलवाई आशु कुमार का कहना है कि अगर आगे भी इसी ही स्थिति रही और गैस सिलेंडर नहीं मिल पाए तो पहले की ही तरह लकड़ी–गट्टू और कोयले पर निर्भर रहना होगा, जो कि आसान नहीं है। क्योंकि गैस के मुकाबले कोयले और लकड़ी जलाकर काम करना मुश्किल होता है, लेकिन कर भी क्या सकते हैं। काम तो करना ही है। जब यही काम सिखा है।
एक होटल व्यवसायी ने बताया कि होटलों को कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद के बाद होटल व्यवसाय बंद होने के कगार पर हैं।
बता दें कि युद्ध के कारण समुद्री व्यापारिक मार्गों, विशेषकर 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज', में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से आयात में कमी आई है, जिससे स्थानीय स्तर पर गैस की किल्लत पैदा हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 60 रुपयें की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में देरी से परेशान हैं, जिससे बाहर का खाना भी महंगा होने की आशंका है।