अदालत से लौटते ही क्या टूटा ऐसा कि घर में गूंज उठीं गोलियां? पूर्व MLA के बेटे ने पत्नी के बाद खुद को भी किया खत्म

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पूर्व कांग्रेस विधायक के बेटे राकेश यादव ने गबन के मुकदमे और पत्नी की कैंसर की बीमारी से तंग आकर खौफनाक कदम उठाया। अदालत से लौटने के बाद गहरे मानसिक तनाव में उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पहले बीमार पत्नी की हत्या की और फिर खुद को भी गोली मारकर जान दे दी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 June 2026, 3:38 PM IST
google-preferred

Firozabad: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में गत दिवस रात में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब क्षेत्र के बेहद संभ्रांत और रसूखदार राजनीतिक परिवार के घर से अचानक दो गोलियां चलने की आवाज आई। सुभाष तिराहा स्थित आवास के कमरे में जब बेटियां गरिमा और प्रतिमा दौड़कर पहुंचीं, तो वहां का नजारा खौफनाक था। कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वर्गीय जगदीश सिंह यादव के 73 वर्षीय बेटे राकेश यादव और उनकी 68 वर्षीय पत्नी राममूर्ति देवी खून से लथपथ पड़े थीं। राकेश यादव की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि उनकी पत्नी ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे राजनीतिक और सामाजिक हलके में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुलायम सिंह यादव के खिलाफ लड़ा था चुनाव

राकेश यादव का परिवार क्षेत्र का जाना-माना नाम है। उनके पिता 80 के दशक में कांग्रेस के कद्दावर विधायक रहे थे। खुद राकेश यादव अपने पैतृक गांव डाहिनी के प्रधान रह चुके थे। सबसे खास बात यह है कि राकेश यादव ने 1991 और 1993 में शिकोहाबाद विधानसभा सीट से जनता दल के टिकट पर तत्कालीन सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के सामने दो बार डटकर चुनाव लड़ा था।

फोन आया, फिर जंगल में क्या हुआ? 24 वर्षीय युवती के बयान से पुलिस भी सख्त में कार्रवाई

अपमान का डर और कैंसर का दोहरा दंश

इस आत्मघाती कदम के पीछे सामाजिक बदनामी का डर और पारिवारिक तनाव मुख्य वजह सामने आ रही हैं। राकेश यादव आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक थे। मई 2025 में उनके ही भतीजे राहुल यादव ने उन पर विद्यालय की कृषि भूमि की आय के 2.60 लाख रुपये गबन करने और धोखाधड़ी से प्रबंधक बनने का मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को राकेश इसी मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट गए थे। शाम को जब वह घर लौटे, तो बेहद अवसाद में थे। कानूनी शिकंजे और समाज में होने वाली थू-थू के डर ने उन्हें तोड़ दिया था। इसके साथ ही उनकी पत्नी राममूर्ति देवी लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित थीं, जिससे परिवार पहले ही मानसिक रूप से परेशान था।

होम स्टे में घुसकर छेड़छाड़ का आरोप, कैंची धाम में गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी का किया घेराव

फॉरेंसिक और बैलेस्टिक जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी आदित्य लांग्हे और एसपी देहात अनुज चौधरी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रिवॉल्वर को सीज कर दिया है। वैज्ञानिक पुष्टि के लिए रिवॉल्वर को आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया है, जहां इसकी बैलेस्टिक जांच होगी। पुलिस ट्रिगर से मिले फिंगरप्रिंट्स और पोस्टमार्टम में मिलने वाली गोलियों का मिलान कर रही है ताकि घटना की कड़ियों को पूरी तरह साफ किया जा सके।

Location :  Firozabad

Published :  14 June 2026, 3:38 PM IST

Advertisement