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माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के अनुपालन में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्तियों को प्रशासन ने अवमुक्त कर दिया। जिलाधिकारी न्यायालय, गोरखपुर द्वारा पारित अंतिम आदेश 26 दिसंबर 2025 के क्रम में अभियुक्त ओम प्रकाश पाण्डेय की चल-अचल संपत्तियों को मुक्त करते हुए राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर विधिवत कब्जा भी दिला दिया।
गैंगस्टर एक्ट में कुर्क संपत्ति अवमुक्त
गोरखपुर: माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के अनुपालन में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्तियों को प्रशासन ने अवमुक्त कर दिया। जिलाधिकारी न्यायालय, गोरखपुर द्वारा पारित अंतिम आदेश 26 दिसंबर 2025 के क्रम में अभियुक्त ओम प्रकाश पाण्डेय की चल-अचल संपत्तियों को मुक्त करते हुए राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर विधिवत कब्जा भी दिला दिया। यह कार्रवाई प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता का उदाहरण मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार अभियुक्त ओम प्रकाश पाण्डेय पुत्र स्व. राज किशोर पाण्डेय, निवासी मोहद्दीपुर चारफाटक, थाना कैंट, जनपद गोरखपुर के विरुद्ध थाना कैंट में वर्ष 2021 में गैंगस्टर एक्ट (मुकदमा संख्या 525/2021, धारा 3(1)) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। इसके पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर की संस्तुति एवं प्रभारी निरीक्षक खोराबार की आख्या के आधार पर जिलाधिकारी गोरखपुर ने 01 मई 2023 को अभियुक्त की कथित रूप से अपराध से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इस दौरान तहसीलदार सदर को संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया गया।
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हालांकि अभियुक्त द्वारा 22 जून 2024 को जिलाधिकारी न्यायालय में आपत्ति/अभ्यावेदन प्रस्तुत करते हुए यह दावा किया गया कि कुर्क की गई जमीनें अपराध से अर्जित नहीं हैं, बल्कि गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मुकदमों से पूर्व वैध रूप से क्रय की गई थीं। इस विवाद को लेकर अभियुक्त ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 9921/2024 दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत दाखिल आरोप पत्र एवं समन आदेश को निरस्त कर दिया तथा विधि के अनुसार नई कार्यवाही की स्वतंत्रता प्रदान की।
कब्जा दिलाने के आदेश जारी
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारी न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। एसएसपी द्वारा 02 दिसंबर 2025 को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत कुर्क संपत्तियों को अवमुक्त किया जाना न्यायोचित एवं विधि सम्मत है। इसी आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने अपने अंतिम आदेश में 01 मई 2023 को कुर्क की गई समस्त चल-अचल संपत्तियों को अवमुक्त करने का निर्देश दिया और तहसीलदार सदर को तत्काल भौतिक कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए।
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आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव के नेतृत्व में सदर तहसील की राजस्व टीम मौके पर पहुंची और हाईकोर्ट व जिलाधिकारी न्यायालय के आदेशों के अनुरूप संपत्तियों को विधिवत अवमुक्त कराते हुए संबंधित व्यक्ति को कब्जा सौंप दिया। पूरी कार्यवाही की अनुपालन आख्या न्यायालय को प्रेषित कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया न्यायालय के आदेशों के अनुरूप, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से संपन्न की गई है। साथ ही पुलिस एवं राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में यदि कोई नई विधिक कार्यवाही आवश्यक हो तो उसे नियमानुसार ही किया जाए।