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महिला एवं बाल सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली गोरखपुर पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की है। पुलिस के इस एक्शन को जनता का कानून-व्यवस्था पर भरोसा जगा है। वहीं लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है।
दुष्कर्मी पहुंचा सलाखों के पीछे
Gorakhpur: थाना पीपीगंज क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने महज घंटों के अंदर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में राहत की लहर दौड़ गई है और कानून-व्यवस्था को लेकर जनता में पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है।
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली गोरखपुर पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण पेश किया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान महिला अपराध मुक्त गोरखपुर के तहत हुई। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के सतर्क पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष पीपीगंज अरुण कुमार सिंह की अगुवाई वाली टीम ने रात-दिन की मेहनत के बाद आरोपी को उसके ठिकाने से पकड़ लिया।
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मामला थाना पीपीगंज के मुकदमा संख्या 53/2026 से जुड़ा है। आरोपी अशोक निषाद (पुत्र बृज बिहारी निषाद), निवासी मेंहदरिया, थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5m/6 के गंभीर आरोप लगे हैं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज की गई और उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा स्थानीय सूत्रों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई। मात्र कुछ घंटों में ही आरोपी को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की गहराई में जा रही है। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के साथ होने वाले किसी भी अपराध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी टीम दिन-रात काम कर रही है। ऐसे जघन्य अपराधियों को कोई भी बच नहीं सकता।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी दल गठित किए गए हैं। क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज ने बताया कि पीपीगंज थाना क्षेत्र में पिछले एक महीने में ऐसे तीन मामलों में त्वरित गिरफ्तारी हुई है, जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल है।
टीम में शामिल उपनिरीक्षक विकास मिश्रा (चौकी प्रभारी जंगल कौड़िया), उपनिरीक्षक अनिकेत भारती, कांस्टेबल प्रभाकर सिंह और कांस्टेबल अमरनाथ यादव ने समन्वित तरीके से छापेमारी कर आरोपी को बिना किसी रियायत के हिरासत में लिया।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि देखने पर तुरंत 112 या थाने में सूचना दें। यह कार्रवाई न केवल पीड़िता परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पूरे जिले में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश भी देती है।