हिंदी
चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में हुए चर्चित पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान हत्याकांड का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात में आपसी विवाद और रंजिश को हत्या की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
Gorakhpur: चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में हुए चर्चित पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान हत्याकांड का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात में आपसी विवाद और रंजिश को हत्या की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी बरगदवा गांव के ही निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, 17 मार्च की सुबह करीब 6:15 बजे सूचना मिली कि पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी है। गंभीर हालत में उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति वारदात से पहले मौके की ओर जाते दिखे। पहचान के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया। साथ ही मोबाइल सीडीआर में भी दोनों की लोकेशन घटनास्थल पर पाई गई।
पूछताछ में मुख्य आरोपी राज चौहान ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उसका अपने भाई और मृतक के भतीजे नीरज चौहान से विवाद हुआ था। उसे शक था कि नीरज अपने चाचा राजकुमार चौहान के प्रभाव के कारण उसे अपमानित कर रहा है।
गोरखपुर में चली गोलियां, फिर बरसे चाकू… आखिर किसने ली पूर्व पार्षद की जान?
इसी रंजिश में उसने अपने साथी विपिन यादव के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसका अगला निशाना नीरज चौहान था।
पुलिस के मुताबिक, अन्य नामजद आरोपियों से भी पूछताछ जारी है और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
गोरखपुर में खौफनाक वारदात: पूर्व पार्षद को घेरकर… गुस्साई भीड़ ने किया रोड जाम
इस कार्रवाई में चिलुआताल पुलिस, एसओजी, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।