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बालश्रम से मुक्त हुआ नाबालिग
Gorakhpur: जनपद में बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) थाना पुलिस ने सोमवार को एक नाबालिग बालक को बालश्रम से मुक्त कराकर सुरक्षित संरक्षण में भेजा। पुलिस ने बालक को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए उसे आगे की कार्रवाई के लिए सिटी चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन में थाना प्रभारी एएचटी अपनी टीम के साथ क्षेत्र में नियमित चेकिंग और अभियान चला रहे थे। इसी दौरान थाना शाहपुर क्षेत्र के असुरन चौराहे पर एक नाबालिग बालक काम करते हुए मिला। पूछताछ में उसके नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने तत्काल नियमानुसार उसे बालश्रम से मुक्त कराया।
रेस्क्यू के बाद पुलिस टीम ने बालक से आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उसे शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों का स्थान स्कूल है, न कि कार्यस्थल। ऐसे बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना समाज और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है।
इसके बाद बालक को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सिटी चाइल्ड हेल्पलाइन, गोरखपुर के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसकी काउंसलिंग, पहचान और परिजनों का पता लगाने सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि परिजन नहीं मिलते हैं तो नियमानुसार उसे बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में बालश्रम और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, ढाबों, होटलों, प्रतिष्ठानों और अन्य स्थानों पर नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं ताकि किसी भी नाबालिग से अवैध रूप से काम न कराया जा सके।
गोरखपुर पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं किसी नाबालिग से बालश्रम कराया जाता दिखाई दे या कोई बच्चा असहाय अथवा लावारिस अवस्था में मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें। लोगों की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता से ही बालश्रम जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
Location : Gorakhpur
Published : 14 July 2026, 6:46 AM IST