मुख्यमंत्री के गृह जनपद में पेंशन के लिए तरस रहीं बुजुर्ग महिलाएं! एक साल से लगा रहीं ब्लॉक के चक्कर, आखिर कौन सुनेगा दर्द?

मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के खजनी ब्लॉक में दो बुजुर्ग महिलाएं पिछले एक साल से वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रही हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी उनके खाते में पेंशन की रकम नहीं पहुंची। बार-बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

Gorakhpur: उम्र के आखिरी पड़ाव पर जब इंसान को सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब अगर सरकारी मदद पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ें तो परेशानी का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। कुछ ऐसा ही मामला मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के खजनी विकास खंड से सामने आया है। यहां दो बुजुर्ग महिलाएं पिछले एक साल से वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रही हैं, लेकिन उनका इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

सरकार की ओर से बुजुर्गों और निराश्रित लोगों को आर्थिक सहायता देने के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद बुजुर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। लेकिन खजनी ब्लॉक में सामने आए इस मामले ने योजना के क्रियान्वयन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक साल पहले किया आवेदन

जानकारी के मुताबिक, ग्राम बसडीला निवासी तारा देवी पत्नी राघवेंद्र शर्मा और ग्राम बरीवन्दुआरी निवासी चंद्रावती त्रिपाठी पत्नी राम आशीष ने करीब एक साल पहले वृद्धावस्था पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। दोनों महिलाओं को उम्मीद थी कि आवेदन के बाद जल्द ही उनके बैंक खाते में पेंशन की रकम आने लगेगी। लेकिन महीनों गुजर गए और अब एक साल बीतने के बाद भी उनके आवेदन पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।

ये भी पढ़ें- गोरखपुर में मौत बनकर दौड़ा ट्रक! ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी ऐसी टक्कर कि चालक की मौके पर ही गई जान

ब्लॉक के चक्कर काटकर थक गईं बुजुर्ग महिलाएं

पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि वे अपनी समस्या लेकर कई बार खजनी ब्लॉक मुख्यालय पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। एडीओ समाज कल्याण कार्यालय स्तर से भी उनके आवेदनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही है।

विकास खण्ड खजनी (Img: Dynamite News)

उम्र के इस पड़ाव पर बार-बार ब्लॉक कार्यालय पहुंचना उनके लिए किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। सवाल यह है कि जब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है तो लाभार्थियों को बार-बार कार्यालय क्यों जाना पड़ रहा है?

ये भी पढ़ें- Deoria: जिस पुलिस चौकी में मिलनी चाहिए सुरक्षा, वहीं खाकी वर्दी में छलक रहे जाम?

अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। पीड़ित महिलाओं और क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने दोनों आवेदनों की जांच कर पात्रता के आधार पर जल्द पेंशन स्वीकृत कराने और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।

इस संबंध में एडीओ समाज कल्याण से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका।

Location :  Gorakhpur

Published :  1 November 2026, 6:07 PM IST

Related News

Advertisement