Gorakhpur: मानसून की दस्तक, झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले धान की रोपाई को मिली रफ्तार

गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में मानसून की पहली तेज बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। धान की रोपाई को रफ्तार मिली और खेतों में नमी लौटने से सिंचाई का खर्च कम होने की उम्मीद है।

Gorakhpur: खजनी तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह मानसून की जोरदार दस्तक के साथ हुई झमाझम बारिश किसानों के लिए राहत की सौगात लेकर आई। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर आखिरकार मुस्कान लौट आई। भीषण गर्मी और लगातार पड़ रही तेज धूप के कारण खेतों की नमी लगभग खत्म हो चुकी थी, जिससे धान की रोपाई और नर्सरी (बेहन) को बचाए रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।

सिंचाई के लिए पंपसेट पर थे निर्भर किसान

सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही थी, जिनके गांवों में नहर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे किसानों को पंपसेट के जरिए लगातार खेतों और धान की नर्सरी में पानी देना पड़ रहा था। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ने के साथ खेती की लागत भी लगातार बढ़ रही थी। किसानों को इस बात की भी चिंता थी कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई, तो रोपाई के बाद धान के पौधे सूख सकते हैं।

गर्मी ने बढ़ाई थी चिंता

पिछले 15 से 20 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू जैसी परिस्थितियों ने धान की खेती पर संकट खड़ा कर दिया था। खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही थी और धान की नर्सरी को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को रोजाना सिंचाई करनी पड़ रही थी। इससे खेती का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा था।

बारिश से धान की रोपाई को मिलेगी रफ्तार

मंगलवार को हुई अच्छी बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है। अब धान की रोपाई के लिए अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे किसानों का समय और लागत दोनों बचेंगे। जिन किसानों की धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है, उन्होंने रोपाई का काम तेज कर दिया है।

गन्ना और खरीफ फसलों को भी मिलेगा लाभ

बारिश का फायदा केवल धान की खेती तक सीमित नहीं है। गन्ना समेत अन्य खरीफ फसलों को भी पर्याप्त नमी मिली है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून सामान्य बना रहा, तो इस बार खरीफ सीजन की खेती बेहतर रहने की संभावना है और किसानों को अच्छी पैदावार मिल सकती है।

किसानों में बढ़ी उम्मीद

बारिश के बाद पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया है। किसानों का कहना है कि समय पर मानसून पहुंचने से इस वर्ष धान की खेती को नई उम्मीद मिली है। लंबे समय से बनी चिंता काफी हद तक दूर हो गई है और अब अच्छी फसल की उम्मीद बढ़ गई है।

Location :  Gorakhpur

Published :  30 June 2026, 8:26 PM IST

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