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9 साल तक चली कानूनी लड़ाई का अंत
Gorakhpur: वर्ष 2017 में तिवारीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज गैर-इरादतन हत्या के मामले में गोरखपुर न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राकेश शर्मा को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे 9 वर्ष 1 माह के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते करीब नौ वर्ष पुराने मामले में अभियुक्त को सजा दिलाने में सफलता मिली है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना तिवारीपुर में वर्ष 2017 में मु0अ0सं0 315/2017 के रूप में दर्ज किया गया था। अभियोग में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 पार्ट-1 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में डोमिनगढ़ निवासी राकेश शर्मा पुत्र स्वर्गीय जगरनाथ शर्मा को अभियुक्त बनाया गया था।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत इस मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखा।
इसी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप ASJ/EC ACT कोर्ट, गोरखपुर ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद राकेश शर्मा को अपराध का दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त को 9 वर्ष 1 माह के सश्रम कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत गंभीर अपराधों में आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए अभियोजन और पुलिस स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। पुराने मामलों की भी निगरानी कर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अपराधियों को उनके किए की सजा मिल सके और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
इस मामले में अभियुक्त की दोषसिद्धि में SPP धीरेन्द्र जायसवाल और SPP सतीश चन्द्र यादव के योगदान को पुलिस ने महत्वपूर्ण बताया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिली इस सजा को अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
Location : Gorakhpur
Published : 19 August 2026, 1:05 AM IST