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सहजनवां थाना क्षेत्र के चांदबारी गांव में दलितों के नाम आवंटित आवासीय पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुए हमले…पढिए पूरी खबर
सहजनवां में भूमाफियाओं पर कसा शिकंजा
गोरखपुर: सहजनवां थाना क्षेत्र के चांदबारी गांव में दलितों के नाम आवंटित आवासीय पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुए हमले के इस बहुचर्चित मामले में जांच पूरी होने के बाद अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के अनुसार, चांदबारी गांव में भूमाफियाओं द्वारा सरकारी पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सहजनवां के आदेश पर 18 नवंबर 2025 को राजस्व निरीक्षक भानु प्रसाद, लेखपाल सुजीत कुमार, आशीष सिंह, संजीव सिंह और सतेंद्र प्रताप के नेतृत्व में राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य अवैध कब्जा हटाना और भूमि को मूल लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू करना था।
पुलिस बल पर हमला
लेकिन कार्रवाई के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि भूमाफियाओं ने राजस्व टीम और पुलिस बल पर हमला कर दिया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई बाधित हो गई। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए ग्राम प्रधान प्रदीपलाल श्रीवास्तव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और मामले की गहन जांच शुरू की गई।
गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में नरसिंह यादव, अमरपाल यादव, बबलू यादव उर्फ विजय यादव, गब्बर यादव उर्फ विकास, शंभू यादव, संदीप कुमार यादव, अभिषेक यादव, पंचम यादव और इंद्रजीत यादव को नामजद किया गया था। इन सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।
सभी बिंदुओं पर जांच पूरी
विवेचक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच पूरी कर ली गई है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया गया है। अब मामले की सुनवाई अदालत में होगी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दलितों के पट्टे की जमीन पर कब्जा हटाने की कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी और अब चार्जशीट दाखिल होने से प्रशासन की सख्ती का संदेश गया है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि या पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस कार्रवाई को गोरखपुर जिले में भूमाफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान की अहम कड़ी माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।