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सहजनवां थाना क्षेत्र के बसिया गांव में नाली निर्माण को लेकर उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया। घटना में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज…पढिए पूरी खबर
गोरखपुर: सहजनवां थाना क्षेत्र के बसिया गांव में नाली निर्माण को लेकर उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया। घटना में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरी खबर?
मिली जानकारी के अनुसार, बसिया गांव निवासी विष्णु यादव पुत्र सुभाष यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके चाचा द्वारा दरवाजे पर भैंस बांधी जाती है, जिससे गोबर रास्ते पर फैल जाता था। गंदगी की समस्या से निजात पाने के लिए मंगलवार सुबह लगभग 10:30 बजे नाली का निर्माण कराया जा रहा था, ताकि गंदा पानी बह सके। इसी बात को लेकर उनके चाचा राम व्यास यादव और उनके परिजनों ने आपत्ति जताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि बात बढ़ने पर लाठी, डंडा, लोहे की रॉड और पंच से हमला कर दिया गया।
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लाठी-डंडों से परिजनों पर हमला
इस हमले में विष्णु यादव के भाई शिवशंकर यादव, पिता सुभाष यादव, मां इसरावती देवी और भाभी राजकन्या गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने राम व्यास यादव, संतोष यादव, संजय यादव और चंद्रावती देवी के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं दूसरे पक्ष से राम व्यास यादव पुत्र स्वर्गीय तीरथ यादव ने भी थाने में तहरीर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे नाली निर्माण की बात को लेकर सुभाष यादव पक्ष के लोगों ने मनबढ़ई दिखाते हुए गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में चंद्रावती देवी को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गईं। उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दूसरे पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने सुभाष यादव, शंकर यादव, विष्णु यादव, राजकन्या, आरुषि और इसरावती देवी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, मारपीट, बलवा और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। सहजनवां पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।