UP के 12 जिलों में बाढ़ का असर, राहत और बचाव कार्य तेज, हजारों लोगों को पहुंचाई जा रही मदद

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। घाघरा और शारदा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण 12 जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। राज्य सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 18 August 2026, 10:04 AM IST
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Lucknow: राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार प्रदेश के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों के 166 गांवों में करीब 64,402 लोग बाढ़ की समस्या का सामना कर रहे हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम लगातार जारी है।

राहत शिविर और बाढ़ चौकियां की गईं स्थापित

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए 1,586 बाढ़ चौकियां और 1,263 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। इसके अलावा 308 खाद्यान्न वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 15,133 खाद्यान्न किट और 24,266 राहत पैकेट जरूरतमंद लोगों में बांटे जा चुके हैं। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।

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मेडिकल और बचाव टीमें पूरी तरह सक्रिय

बाढ़ प्रभावित जिलों में 69 मेडिकल टीमें स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 51 से अधिक टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। अयोध्या, गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, वाराणसी और आजमगढ़ सहित कई जिलों में विशेष बचाव दल तैनात किए गए हैं। प्रयागराज में एनडीआरएफ की तीन टीमें भी राहत कार्य कर रही हैं।

कम बारिश के बावजूद बढ़ा बाढ़ का खतरा

राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार 1 जून से 16 अगस्त तक प्रदेश में 381 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 488.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी इस अवधि में प्रदेश में लगभग 22 प्रतिशत कम बारिश हुई। इसके बावजूद कुछ जिलों में अत्यधिक वर्षा और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लखीमपुर खीरी में सामान्य से लगभग 10 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

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नावों के जरिए पहुंचाई जा रही मदद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 5,849 नावें और 1,101 मोटरबोट तैनात की गई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 69 मकानों को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रभावित 3,502 पशुओं के लिए भी भूसा और चारे की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

Location :  Lucknow

Published :  18 August 2026, 10:04 AM IST

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