रायबरेली में आग का कहर: 25 बीघा गेहूं और भूसा जलकर राख, दमकल पर उठे सवाल

रायबरेली के डीह थाना क्षेत्र में अचानक लगी आग ने करीब 25 बीघा गेहूं और भूसा जलाकर राख कर दिया। दमकल की गाड़ियां समय पर खेतों तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

RaeBareli: दोपहर की तपती गर्मी और खेतों में खड़ी फसल के बीच अचानक उठी आग की लपटों ने रायबरेली के एक गांव में ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते किसानों की सालभर की मेहनत राख में बदल गई। चीख-पुकार, धुएं के गुबार और बेबस किसानों की आंखों में आंसू- पूरा मंजर किसी बड़े हादसे से कम नहीं था। सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि आग बुझाने के लिए समय पर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखा, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।

कहां और कैसे हुआ हादसा

रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र के पूरे मीर का पुरवा, मजरे रोखा गांव में दोपहर करीब एक बजे अचानक आग लग गई। शुरुआत कैसे हुई, इसका साफ कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन तेज गर्मी और सूखे भूसे ने आग को तेजी से फैलने का मौका दे दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया।

किसानों की फसल बनी राख

इस आगजनी में सबसे ज्यादा नुकसान गांव के बुजुर्ग किसान जगदीश नारायण मिश्रा (करीब 76 वर्ष) का हुआ, जिनका लगभग दो बीघा गेहूं और भूसा पूरी तरह जल गया। इसके अलावा वेद नारायण, सोनू पांडे, विनोद कुमार, निजाम, छोटू और गोकर्ण नाथ जैसे कई किसानों का डेढ़-डेढ़ बीघा भूसा और गेहूं आग की भेंट चढ़ गया। शिवप्रसाद का एक बीघा गेहूं भी जलकर खाक हो गया।

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25 बीघा में फैली तबाही

ग्रामीणों के मुताबिक, देखते ही देखते करीब 25 बीघा क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल और उसका भूसा जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि उसे काबू में करना मुश्किल हो गया। खेतों में सूखा भूसा होने के कारण आग ने पलभर में विकराल रूप ले लिया और आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए।

दमकल की देरी पर उठे सवाल

घटना के दौरान सबसे बड़ा सवाल दमकल विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि सलोन यूनिट की दमकल गाड़ियां मौके के पास दुर्गापुर गांव तक तो पहुंचीं, लेकिन खेतों तक नहीं जा सकीं। नतीजा ये हुआ कि आग बुझाने में देरी हुई और नुकसान बढ़ता चला गया।

ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा

जब कोई मदद समय पर नहीं पहुंची, तो गांव के लोगों ने खुद ही आग बुझाने की जिम्मेदारी उठाई। बाल्टियों, ट्यूबवेल और अपने स्तर पर जो भी साधन मिले, उनसे आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग को रोका जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

प्रशासन की मौजूदगी और हालात

घटना की सूचना मिलने पर डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने में मदद की। हालांकि, राजस्व टीम के मौके पर समय से न पहुंचने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Location :  RaeBareli

Published :  20 April 2026, 5:14 PM IST

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