महराजगंज में सुबह होते ही शुरू हो जाता है खाद तस्करी का खेल! बाइक पर लदती हैं यूरिया की बोरियां, पुलिस पर उठे सवाल

महराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र में यूरिया खाद की कथित तस्करी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सुबह होते ही कस्बे की गलियों में बाइक से खाद की बोरियां नेपाल की ओर ले जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार एक बाइक पर तीन तक बोरियां लदी दिखाई देती हैं। कार्रवाई के बावजूद कथित तस्करी जारी रहने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 August 2026, 5:13 PM IST
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Maharajganj: सुबह का वक्त, सड़कों पर आवाजाही शुरू होते ही बाइक दौड़ती नजर आती हैं और उन पर लदी दिखाई देती हैं यूरिया खाद की बोरियां। महराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र में खाद की कथित तस्करी को लेकर ऐसा ही मामला चर्चा में है। आरोप है कि कस्बे की गलियों से बाइक के जरिए यूरिया की बोरियां नेपाल की ओर भेजी जा रही हैं। कई बार एक ही बाइक पर तीन-तीन बोरी खाद लादकर ले जाने की बात भी सामने आ रही है।

सुबह होते ही गलियों में शुरू हो जाता खेल

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, कोल्हुई थाना क्षेत्र में सुबह होते ही खाद की बोरियां एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। आरोप है कि कुछ लोग बाइक का इस्तेमाल कर खाद को सीमावर्ती इलाकों की तरफ ले जाते हैं। बताया जा रहा है कि कई मामलों में बाइक पर एक साथ कई बोरियां लाद दी जाती हैं। इससे सड़क पर चलने वाले लोगों के बीच भी यह चर्चा बनी हुई है कि आखिर इतनी मात्रा में खाद कहां से आ रही है और इसे कहां ले जाया जा रहा है।

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नेपाल में ज्यादा कीमत का बताया जा रहा लालच

खाद की कथित तस्करी के पीछे नेपाल में मिलने वाला ज्यादा मुनाफा बड़ी वजह बताई जा रही है। बताया जाता है कि सीमावर्ती इलाकों में भारत और नेपाल के बीच खाद के दामों में अंतर होने के कारण कुछ लोग इस कारोबार में तेजी से मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं। इसी लालच में खेती-किसानी के लिए उपलब्ध खाद की बोरियों को कथित तौर पर नेपाल की ओर भेजने का आरोप है।

किसानों के हिस्से की खाद पर भी सवाल

यूरिया खाद किसानों के लिए बेहद जरूरी है। फसलों की जरूरत के समय अगर बाजार में खाद की उपलब्धता कम हो जाए तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर सरकारी या निर्धारित आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी खाद अवैध तरीके से सीमा पार पहुंचाई जा रही है तो यह गंभीर विषय बन जाता है।

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कार्रवाई के बाद भी क्यों नहीं थम रहा सिलसिला?

बताया जा रहा है कि पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से समय-समय पर खाद बरामद करने की कार्रवाई की जाती रही है। इसके बावजूद कथित तस्करी के आरोप सामने आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस को खाद की अवैध आवाजाही की जानकारी मिल रही है और कार्रवाई भी की जा रही है तो फिर यह सिलसिला दोबारा कैसे शुरू हो जाता है?

सीमावर्ती इलाका होने के कारण चुनौती बड़ी

महराजगंज का बड़ा हिस्सा नेपाल सीमा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी सामान की अवैध आवाजाही रोकना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होती है। खाद जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु को बाइक के जरिए छोटी-छोटी मात्रा में ले जाना निगरानी को और मुश्किल बना सकता है। यही वजह है कि केवल छिटपुट बरामदगी के बजाय तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना जरूरी माना जाता है।

Location :  Maharajganj

Published :  29 August 2026, 5:13 PM IST

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