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मुस्कान हत्याकांड (Img : Social Media)
New Delhi : तिलक नगर के ओल्ड महावीर नगर में 21 साल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मुस्कान शर्मा की हत्या के मामले में गिरफ्तार आकिब उर्फ इमरान को लेकर पुलिस जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने हत्या से करीब डेढ़ महीने पहले ही आकिब द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत पुलिस से की थी। हालांकि उस समय औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आकिब को नशे की लत के इतिहास को देखते हुए नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। वहां खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के बाद उसे 30 जुलाई को छोड़ दिया गया। इसके करीब चार सप्ताह बाद 26 अगस्त को वह मुस्कान के घर पहुंचा, जहां विवाद के बाद उसने कथित तौर पर मुस्कान पर चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में हत्या के पीछे की वजह का पता मुस्कान के बरामद मोबाइल की जांच से चला। आरोपी घर से निकलते समय मुस्कान का मोबाइल अपने साथ ले गया था और बाद में उसे फेंक दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मोबाइल बरामद किया।
जांच में फोन की चैट सामने आने के बाद पुलिस को पता चला कि मुस्कान किसी अन्य युवक से बातचीत कर रही थी। पुलिस का दावा है कि यह बात आकिब को पसंद नहीं थी और इसी वजह से उसके मन में मुस्कान की हत्या करने का विचार आया।
पुलिस के अनुसार, आकिब जब मुस्कान के घर पहुंचा तो उसने मोबाइल में मुस्कान और दूसरे युवक के बीच बातचीत देख ली। इसके बाद वह कथित तौर पर गुस्से में आ गया।
जांच के मुताबिक, मुस्कान ने आकिब को घर से जाने के लिए कहा था। आरोप है कि इसी दौरान आकिब ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, उसने मुस्कान को बिस्तर पर गिराया और पेट व सीने पर चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल मुस्कान की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने 18 जुलाई को आकिब द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की थी। उस समय मामला दर्ज करने के बजाय उसे शांति भंग करने के मामले में पकड़ा गया था। बाद में उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया।
वहां खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के बाद उसे 30 जुलाई को छोड़ दिया गया। इसके करीब चार सप्ताह बाद उसकी हत्या हो गई।
अब जांच में यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि 18 जुलाई की शिकायत के बाद आकिब की गतिविधियों पर किस तरह नजर रखी गई थी और उसे दोबारा मुस्कान तक पहुंचने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
पुलिस के अनुसार, आकिब के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पहला मामला वर्ष 2018 में तिलक नगर थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें उस पर नाबालिग से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगे थे। इस मामले में पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद वर्ष 2021 में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में आकिब जेल जा चुका है और बाद में जमानत पर बाहर आया था।
पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बाद के वर्षों में आकिब नशे की लत का शिकार हो गया था। उसकी नशे की समस्या को देखते हुए उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था।
हालांकि, वहां रहने के दौरान उसके द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जानकारी भी सामने आई। 30 जुलाई को केंद्र से बाहर आने के करीब चार सप्ताह बाद मुस्कान की हत्या कर दी गई।
मुस्कान हत्याकांड में पुलिस की जांच अब केवल हत्या की घटना तक सीमित नहीं है। 18 जुलाई को दी गई शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई, नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद उसकी गतिविधियां और मुस्कान से उसके संपर्क की स्थिति भी जांच का हिस्सा हैं।
Location : New Delhi
Published : 29 August 2026, 4:53 PM IST