हिंदी
फतेहपुर में सड़क दुर्घटना केस में साक्ष्यों से छेड़छाड़ और ट्रैक्टर बदलने के आरोप में दरोगा प्रज्ज्वल उपाध्याय को एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना के सामने आने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
फतेहपुर में दरोगा सस्पेंड (Img: Google)
Fatehpur: फतेहपुर में पुलिस विभाग पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सख्त रुख अपनाते हुए राधानगर थाने में तैनात दरोगा प्रज्ज्वल उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरोगा पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।
दरअसल, इस मामले की शुरुआत पीड़ित अभिषेक सिंह की शिकायत से हुई, जिन्होंने एसपी को लिखित रूप में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सड़क दुर्घटना के मामले की विवेचना में दरोगा ने जानबूझकर लापरवाही बरती और निष्पक्ष जांच नहीं की।
प्रारंभिक जांच के दौरान यह सामने आया कि दरोगा प्रज्ज्वल उपाध्याय ने कथित तौर पर विपक्षी पक्ष से आर्थिक साठगांठ कर केस की दिशा बदलने की कोशिश की। इससे न केवल जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठे, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए।
फतेहपुर में गैस माफिया पर शिकंजा: घर के अंदर चल रहा था अवैध खेल, दर्जनों सिलेंडर बरामद
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि दुर्घटना में शामिल असली ट्रैक्टर की जगह दूसरे ट्रैक्टर को साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। इस कथित हेरफेर ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। इससे साफ होता है कि केस को प्रभावित करने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई।
पीड़ित द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बिना देरी किए दरोगा को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
फतेहपुर में 14 और 16 साल की लड़कियों का अपहरण, पुलिस की कार्रवाई ने खोला सच
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल है। यह मामला विभाग की छवि पर भी असर डाल सकता है, इसलिए उच्च अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है।
एसपी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और जांच में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।