हिंदी
राहुल गांधी की रणनीति पर उठे गंभीर सवाल (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति एक बार फिर बेहद कमजोर नजर आ रही है। संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी लगातार दूसरी बार सीटों के मामले में शून्य पर सिमट सकती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर Rahul Gandhi की रणनीति क्या थी, और क्या कांग्रेस ने बंगाल में लड़ाई को गंभीरता से लिया भी था या नहीं।
कांग्रेस के चुनाव अभियान पर नजर डालें तो राहुल गांधी की सक्रियता बेहद सीमित दिखती है। उन्होंने पूरे चुनाव के दौरान सिर्फ दो बार बंगाल का दौरा किया और कुल पांच रैलियां कीं। यह स्थिति 2021 के विधानसभा चुनाव से भी अलग नहीं थी जब वे केवल एक दिन के दौरे पर गए थे।
दिलचस्प बात यह भी है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी प्रचार के लिए बंगाल गए ही नहीं थे। इससे यह सवाल और मजबूत होता है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व बंगाल को प्राथमिकता में रख ही नहीं रहा है।
चुनावी रैलियों में राहुल गांधी का रुख कुछ हद तक विरोधाभासी नजर आया। उन्होंने Narendra Modi पर तीखे हमले किए जबकि Mamata Banerjee पर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया।
हालांकि कोलकाता और श्रीरामपुर की रैलियों में उन्होंने ममता सरकार पर बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए। उन्होंने यहां तक कहा कि 'टीएमसी की खराब सरकार ने ही बीजेपी के लिए रास्ता खोला है।'
फिर भी उनके भाषणों में मोदी पर हमले ज्यादा तीखे और केंद्रित रहे, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों को रणनीति पर संदेह हुआ।
राहुल गांधी का बंगाल में रुख काफी हद तक दिल्ली विधानसभा चुनाव जैसा ही नजर आया। वहां उन्होंने Arvind Kejriwal पर उसी तरह हमला किया था, जैसा बीजेपी करती रही है।
अब बंगाल में भी ममता बनर्जी पर हमले का तरीका कुछ वैसा ही दिखा। इससे यह धारणा बन रही है कि कांग्रेस अपने संभावित सहयोगियों को ही कमजोर कर रही है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को फायदा मिल सकता है।
चुनाव के दौरान हिंसा के मुद्दे ने भी राजनीति को गरमाया। आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या के बाद राहुल गांधी ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए और इसे 'गुंडा राज' बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि डर और हिंसा का माहौल है। हालांकि चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण बताया, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को तनावपूर्ण बनाए रखा।
राहुल गांधी के भाषण में एक और बड़ा सवाल उभरा, जब उन्होंने पूछा कि 'ममता बनर्जी के खिलाफ केंद्र सरकार ने कितने केस किए?' यह बयान विपक्षी एकता के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसी तरह के सवाल पहले अरविंद केजरीवाल भी उठा चुके हैं। इससे INDIA गठबंधन के भीतर अविश्वास की स्थिति बन सकती है।
West Bengal Election Result: बंगाल में जानिये बीजेपी किसे बनाने जा रही मुख्यमंत्री?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली, बिहार और अब बंगाल- तीनों जगह कांग्रेस का रुख सहयोगियों के खिलाफ जाता दिखा है। बिहार में भी पार्टी पर आरोप लगा कि उसने Tejashwi Yadav को पूरी तरह समर्थन नहीं दिया। अब बंगाल में ममता बनर्जी के साथ भी रिश्तों में खटास की आशंका बढ़ गई है।
अगर बंगाल में कांग्रेस फिर शून्य पर सिमटती है, तो यह केवल चुनावी हार नहीं बल्कि रणनीतिक विफलता भी मानी जाएगी। ममता बनर्जी पहले ही विपक्षी नेतृत्व को लेकर सवाल उठा चुकी हैं। कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस को न केवल अपनी जमीन मजबूत करनी है, बल्कि अपने राजनीतिक रुख को भी स्पष्ट करना होगा- वरना 'शून्य' की स्थिति स्थायी हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 4 May 2026, 2:29 PM IST
Topics : Assembly Election Results 2026 congress zero seats rahul gandhi strategy Results on Dynamite News West Bengal Election