अलीगढ़ में कूटरचित आधार कार्ड गिरोह का खुलासा, जांच में बांग्लादेशी और घुसपैठियों से जुड़े होने की आशंका

एसटीएफ ने सरकारी साइटों को हैक करके कूटरचित आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह का लिंक बांग्लादेशी नेटवर्क और घुसपैठियों से जुड़ा हो सकता है, इस वजह से जांच की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इन कूटरचित आधार कार्डों को रद्द करने के लिए जांच जारी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 November 2025, 2:24 PM IST
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Aligarh: अलीगढ़ में एसआईआर सर्वे के दौरान एक गंभीर कूटरचित आधार कार्ड गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह सरकारी साइटों को हैक कर बांग्लादेशी नेटवर्क से जुड़ी एजेंसियों के माध्यम से रोहिंग्या, नेपालियों और घुसपैठियों तक के आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा था। इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य कूटरचित आधार कार्ड बनाना था, जो सरकारी रिकार्ड में वैध नजर आते थे। एसटीएफ लखनऊ यूनिट ने हाल ही में इस गिरोह के दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य फरार हैं।

एसटीएफ ने की छापेमारी

एसटीएफ लखनऊ यूनिट ने 5-6 नवंबर की रात क्वार्सी के जीवनगढ़ इलाके में एक बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान साजिद हुसेन और नईमुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। दोनों जनसेवा केंद्रों के संचालक थे और इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पाया कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल के भारतीय सीमा से जुड़ा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने अब तक 5000 से ज्यादा कूटरचित आधार कार्ड बनाए थे। इन कार्डों के बनने का अंदेशा रोहिंग्या, घुसपैठियों और अन्य अवैध प्रवासियों के लिए था।

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पुलिस और एजेंसियां कर रही हैं जांच

एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद से पुलिस और साइबर विभाग यह पता करने में जुटे हैं कि कितने कूटरचित आधार कार्ड बनाए गए हैं। उनका कहना है कि रोहिंग्या और घुसपैठियों से जुड़े आधार कार्डों की जांच की जा रही है और इस मामले में साइबर और एटीएस जैसी एजेंसियां भी सक्रिय हैं। यदि इस गिरोह से जुड़े और आरोपी पकड़े जाते हैं तो इनके बनाए गए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज रद्द किए जाएंगे।

कैसे बने थे ये कार्ड

यह आधार कार्ड सरकारी वेबसाइटों को हैक कर बनाए गए थे। इसलिए इन्हें पूरी तरह से फर्जी नहीं कहा जा सकता, लेकिन ये कूटरचित जरूर थे। इन कार्डों को बनाने के लिए संगठित गिरोह ने सरकारी साइटों की सुरक्षा को चकमा दिया और लाखों रुपये की लागत में ये कार्ड उपलब्ध कराए। इनका मुख्य उद्देश्य नकली पहचान पत्रों का निर्माण करना था, जिनसे अवैध प्रवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता था।

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अलीगढ़ और पश्चिमी यूपी में फैला गिरोह

यह गिरोह केवल अलीगढ़ तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी कूटरचित आधार कार्ड बनाए। जिन जिलों में इन कार्डों की जांच की जा रही है, उनमें हाथरस, बुलंदशहर, कासगंज, एटा, बदायूं, संभल, मुरादाबाद, रामपुर जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोग इस गिरोह द्वारा ठगे गए हैं और अब इन आधार कार्डों को रद्द किए जाने की संभावना है।

Location : 
  • Aligarh

Published : 
  • 29 November 2025, 2:24 PM IST