महराजगंज में 7 मेडिकल स्टोर पर एक साथ छापा, नशीली दवाओं से फर्जी बिलिंग तक शिकायतें; सैंपल-दस्तावेज जब्त

महराजगंज में ड्रग विभाग और पुलिस ने जिला अस्पताल के सामने सात मेडिकल स्टोरों पर एक साथ छापेमारी की। नशीली दवाओं के कथित भंडारण-बिक्री, संदिग्ध दवाओं और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों की जांच के दौरान दवाओं के सैंपल, बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज लिए गए। नगर में कार्रवाई के बाद टीम फरेंदा क्षेत्र के लिए भी रवाना हुई।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 September 2026, 6:54 PM IST
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Maharajganj: जिला अस्पताल के सामने मंगलवार देर शाम अचानक मेडिकल स्टोरों पर जांच शुरू हुई तो दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक साथ सात मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। नशीली दवाओं के कथित भंडारण और बिक्री, संदिग्ध दवाओं और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए टीम ने दुकानों में दवाओं के स्टॉक से लेकर खरीद-बिक्री के दस्तावेजों तक को खंगाला। कई दवाओं के सैंपल लिए गए, जबकि जरूरी अभिलेख भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं।

सात दुकानों पर एक साथ कार्रवाई

ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की जद में जिला अस्पताल के सामने स्थित इंदु फार्मा, विकास फार्मा, दिव्य फार्मा, ओम प्रगति फार्मा, प्रगति फार्मा, गीतांजलि मेडिकल और अनुष्का मेडिकल आए। टीम ने सबसे पहले मेडिकल स्टोर में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक की जांच की। इसके बाद स्टॉक का मिलान दुकानदारों के पास मौजूद रिकॉर्ड और खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेखों से किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग दवाओं के सैंपल भी लिए, जिन्हें आगे जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

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नशीली दवाओं और फर्जी बिलिंग की शिकायतों पर जांच

जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी को कुछ मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं के कथित भंडारण और बिक्री, संदिग्ध दवाओं तथा बिलिंग में गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतों की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। हालांकि, शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे। फिलहाल विभाग ने दुकानों से सैंपल और दस्तावेज जुटाकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

बिल, स्टॉक रजिस्टर और दूसरे रिकॉर्ड खंगाले

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल स्टोरों में रखे दवाओं के बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की। टीम यह देखने में जुटी रही कि दुकानों में मौजूद दवाओं का स्टॉक रिकॉर्ड में दर्ज खरीद-बिक्री से मेल खाता है या नहीं। इसके साथ ही जिन दवाओं को संदिग्ध माना गया, उनके सैंपल भी लिए गए। अब इन सैंपलों की जांच और जब्त दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

सीओ सदर और ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में जांच

संयुक्त कार्रवाई के दौरान सीओ सदर अंकुर गौतम और ड्रग इंस्पेक्टर नवीन कुमार की मौजूदगी रही। पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली, जबकि ड्रग विभाग के अधिकारियों ने दवाओं और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। देर शाम तक चली कार्रवाई के कारण जिला अस्पताल के आसपास काफी हलचल रही।

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जांच पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई

ड्रग विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई में सैंपल और दस्तावेज तो लिए गए हैं, लेकिन अभी किसी मेडिकल स्टोर पर अनियमितता अंतिम रूप से साबित होने की बात सामने नहीं आई है। दवाओं के सैंपल की जांच रिपोर्ट और जब्त दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

दूसरे मेडिकल स्टोरों में भी बढ़ी हलचल

महराजगंज नगर में सात मेडिकल स्टोरों की जांच पूरी करने के बाद ड्रग विभाग की टीम फरेंदा क्षेत्र के लिए रवाना हो गई। इससे जिले के दूसरे मेडिकल स्टोर संचालकों में भी खलबली मच गई है। ड्रग विभाग की इस कार्रवाई को दवा कारोबार में नियमों के पालन और संदिग्ध दवाओं की शिकायतों की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।

Location :  Maharajganj

Published :  29 September 2026, 6:54 PM IST

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