देवरिया में बड़ा खुलासा: तरकुलवा सीएचसी में मरीजों से अवैध पैसे ऐंठने का आरोप, अधीक्षक बोले- बनेगी जांच टीम

देवरिया के तरकुलवा सीएचसी में नेत्र परीक्षक पर मरीजों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। स्टिंग ऑपरेशन के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ बी एन गिरी ने जांच टीम गठित करने और रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कराने की बात कही है। पढ़ें पूरी खबर।

Updated : 28 July 2026, 11:29 AM IST
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Deoria: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तरकुलवा में मरीजों से कथित अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद अब स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

स्टिंग ऑपरेशन से उजागर हुआ कथित भ्रष्टाचार

तरकुलवा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर धांधली का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में तैनात नेत्र परीक्षक मनोज मद्धेशिया पर आरोप है कि वे आंखों की जांच कराने आने वाले निर्धन और असहाय मरीजों से अवैध रूप से पैसों की मांग और वसूली कर रहे थे। एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए इस पूरी साठगांठ और कथित अवैध वसूली का पर्दाफाश हुआ है। इस खुलासे के बाद से ही स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

अधीक्षक का सख्त रुख: बनेगी जांच टीम, होगी एफआईआर

मामला मीडिया में आने और तूल पकड़ने के बाद सीएचसी प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरकुलवा के अधीक्षक डॉ बी एन गिरी ने पूरे प्रकरण पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर बताते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में मरीजों का उत्पीड़न या उनसे किसी भी तरह की अनुचित वसूली बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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डॉ बी एन गिरी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से छानबीन करने के लिए जल्द ही एक विशेष जांच टीम का गठन किया जाएगा। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जांच टीम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधीक्षक के अनुसार, यदि जांच के दौरान नेत्र परीक्षक या किसी अन्य कर्मी पर लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा (FIR) दर्ज कराया जाएगा और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

पहले भी लग चुके हैं मरीजों से वसूली के आरोप

अस्पताल से जुड़े सूत्रों और मरीजों के अनुसार, तरकुलवा सीएचसी में इस प्रकार का भ्रष्टाचार कोई नया विषय नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और जांच के नाम पर मरीजों द्वारा अवैध रूप से रुपये ऐंठने की मौखिक व लिखित शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। बार-बार मिल रही शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने के कारण कर्मियों के हौसले बुलंद थे, लेकिन इस बार सबूतों के साथ मामला सामने आने से स्थिति बदल गई है।

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अवैध वसूली का सच उजागर होने के बाद अब क्षेत्र की जनता और मरीजों की नजरें स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Location :  Deoria

Published :  28 July 2026, 11:29 AM IST

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