निजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम का डंडा, 5 साल की फीस का पूरा हिसाब तलब

महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने निजी विद्यालयों की फीस मनमानी पर सख्ती दिखाते हुए 5 वर्षों का शुल्क विवरण सार्वजनिक करने, निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि पर कार्रवाई करने और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डालने के निर्देश दिए हैं।

महराजगंज: जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा फीस वृद्धि और अन्य मदों में मनमानी वसूली पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि नियमों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संशोधित प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी वित्तविहीन प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 तथा उसके संशोधित प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को बीते पांच वर्षों का फीस रिकॉर्ड, ड्रेस और पुस्तकों से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, जिसे विद्यालय की वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

विद्यालयों की जांच

फीस की जांच के लिए प्रशासन द्वारा त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में नायब तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य शामिल होंगे, जो विद्यालयों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे।

अभिभावकों को राहत

डीएम ने साफ किया कि यदि किसी विद्यालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) + 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। ऐसे विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा और अतिरिक्त शुल्क को कम कर अभिभावकों को राहत दी जाएगी।

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बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई भी विद्यालय पांच वर्षों के भीतर गणवेश में बदलाव नहीं करेगा और न ही किसी एक दुकान से किताब, कॉपी या ड्रेस खरीदने के लिए छात्रों को बाध्य करेगा। विद्यालय स्वयं भी इन वस्तुओं की बिक्री नहीं कर सकेंगे। केवल मान्यता प्राप्त पुस्तकों का ही उपयोग अनिवार्य होगा।

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जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन सुविधाओं का संचालन विद्यालय द्वारा नहीं किया जा रहा है, उनका शुल्क किसी भी स्थिति में अभिभावकों से नहीं वसूला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों का विश्वास मजबूत हो।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक पी.के. शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऋद्धि पांडेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  9 April 2026, 9:20 PM IST

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