गोरखपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: आरोपी को 7 सालों तक जेल की रोटी खानी पड़ेगी, जानें क्या कांड किया था?

गोरखपुर में ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत बड़ी सफलता मिली है। 2022 के हत्या के प्रयास मामले में कोर्ट ने आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई है। पुलिस की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के चलते यह फैसला आया। साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

Gorakhpur: गोरखपुर में अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एक बार फिर कानून का डंडा चलता दिखा है। पुराने मामले में बच निकलने की उम्मीद लगाए बैठे आरोपी को कोर्ट ने ऐसा झटका दिया कि सीधे 7 साल की सजा सुना दी। हत्या के प्रयास के इस मामले में पुलिस की मजबूत पैरवी और सबूतों ने आरोपी की सारी चालें नाकाम कर दीं और आखिरकार उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।

2022 के केस में आया बड़ा फैसला

यह मामला साल 2022 का है, जब थाना कैम्पियरगंज क्षेत्र में हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी रामअवध चौरसिया को अदालत में पेश किया गया, जहां अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट संख्या-04) ने सुनवाई के बाद उसे दोषी करार दिया। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 324 और 307 के तहत 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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पुलिस की मजबूत पैरवी से मिली सजा

इस केस में गोरखपुर पुलिस की भूमिका बेहद अहम रही। ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई और कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए गए। थाना कैम्पियरगंज पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने मिलकर केस को मजबूती से रखा। विशेष लोक अभियोजक उमेश मिश्रा और एडीजीसी संजीत कुमार शाही की प्रभावी दलीलों ने भी अहम भूमिका निभाई।

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अपराधियों को साफ संदेश

इस फैसले के बाद साफ संदेश गया है कि गंभीर अपराध करने वालों को अब बच निकलना आसान नहीं होगा। गोरखपुर पुलिस लगातार पुराने मामलों को निकालकर तेजी से कार्रवाई कर रही है, जिससे अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा बढ़ रहा है।

Location :  Gorakhpur

Published :  9 April 2026, 8:31 PM IST

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