इलाज के नाम पर अव्यवस्था… सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें; पढे़ं पूरी खबर

सोनभद्र के राजकीय मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था, बिजली संकट, दवा की कमी और साफ-सफाई को लेकर मरीजों और परिजनों का गुस्सा सामने आया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रशासन ने समस्याओं को स्वीकारते हुए जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 27 April 2026, 6:11 PM IST
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Sonbhadra: उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सोमवार को माहौल गर्म हो गया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा और इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, बिजली, दवा उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आईं।

प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा। ज्ञापन में अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था सुधारने के साथ जिले में 100 बेड के नए अस्पताल के निर्माण की मांग भी शामिल रही। संगठन का कहना है कि जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में बदले जाने के बाद सुविधाएं बेहतर होने की बजाय और कमजोर हो गई हैं।

मरीजों और परिजनों ने बताई परेशानी

संदीप मिश्र ने बताया कि रविवार देर रात उन्हें कई मरीजों के फोन आए थे। मरीजों ने बिजली कटौती और इलाज में देरी की शिकायत की। उन्होंने रात में मेडिकल कॉलेज प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। सुबह अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई।

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अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने भी गंभीर समस्याएं गिनाईं। एक महिला मरीज को सुबह से ओपीडी में भटकना पड़ा, जबकि कई मरीजों ने डॉक्टरों की कमी और स्टाफ के व्यवहार पर सवाल उठाए। कुछ मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है।

अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब बताई गई। परिजनों का कहना है कि नालियां जाम हैं और शौचालयों की हालत खराब है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने सुधार का दिया भरोसा

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कुछ समस्याओं को स्वीकार किया है। प्राचार्य ने बताया कि कुछ जीवन रक्षक दवाओं की कमी के कारण बाहर से दवा लिखनी पड़ती है। बिजली समस्या के चलते इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होती हैं, लेकिन जनरेटर और इनवर्टर के जरिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।

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प्राचार्य के अनुसार, शौचालय और ड्रेनेज सिस्टम की समस्या को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अगले 7 से 10 दिनों में व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल मरीजों की उम्मीदें प्रशासन के इस आश्वासन पर टिकी हुई हैं।

Location :  Sonbhadra

Published :  27 April 2026, 5:46 PM IST

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