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रेल रोको आंदोलन (Img: Google)
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन फिलहाल टल गया है। किसानों और प्रशासन के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बन गई, जिसके चलते भारतीय किसान यूनियन (तौमर) ने तत्काल आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया। हालांकि संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि बाकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
रेल रोको आंदोलन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आए। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौके पर एसडीएम सदर, सीओ सदर, सीओ नई मंडी, छपार थाना प्रभारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना और वार्ता के जरिए समाधान निकालना रही।
भारतीय किसान यूनियन (तौमर) के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को 35 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन का कहना है कि इन मांगों में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं, जिनका लंबे समय से समाधान नहीं हो पाया है। ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को सौंपा गया।
भाकियू (तौमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तौमर के अनुसार, प्रशासन के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने 35 मांगों में से 8 से 9 मांगों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। वहीं अन्य मांगों पर भी संबंधित विभागों के माध्यम से जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
हालांकि संगठन ने फिलहाल आंदोलन रोक दिया है, लेकिन अपनी आगे की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। चौधरी संजीव तौमर ने कहा कि यदि शेष मांगों का समयबद्ध तरीके से समाधान नहीं हुआ तो 4 जुलाई को प्रदेशव्यापी रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने बताया कि किसान संगठन की मांगों को गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं तत्काल हल हो सकती थीं, उनका मौके पर समाधान कराया गया है। शेष मांगों को संबंधित विभागों के पास भेजा जाएगा ताकि जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
वार्ता के बाद भले ही रेल रोको आंदोलन टल गया हो, लेकिन किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत का यह दौर आने वाले दिनों में भी महत्वपूर्ण रहेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन शेष मांगों पर कितना और कितनी तेजी से काम करता है। वहीं किसान संगठन ने भी साफ कर दिया है कि वादों के पूरा न होने पर आंदोलन का रास्ता फिर अपनाया जाएगा।
Location : Muzaffarnagar
Published : 16 June 2026, 8:10 PM IST