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फतेहपुर के बिंदकी में सिद्धपीठ मंदिर के वार्षिकोत्सव में ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ के नाम पर दो रातों तक बार बालाओं का डांस हुआ। हैरानी की बात यह है कि कोतवाली से महज 200 मीटर दूर हुए इस आयोजन की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। पूरी रात देव स्थान की मर्यादा को ताक पर रखकर बार बालाओं का फूहड़ डांस होता रहा।
बिंदकी में फूहड़ डांस वायरल (source: google)
Fatehpur: यूपी के फतेहपुर जिले के बिंदकी कस्बे से पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। नगर के मोहल्ला जहानपुर स्थित सिद्धपीठ छोटी काली जी मंदिर के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के नाम पर 'सांस्कृतिक कार्यक्रम' की आड़ में अश्लीलता का नंगा नाच परोसा गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कोतवाली से महज 200 मीटर की दूरी पर दो रातों तक चलता रहा, लेकिन सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के मुताबिक, आयोजकों ने मंदिर में वार्षिकोत्सव के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी। SDM प्रियंका अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी, जिस पर पुलिस ने एक दिन देवी जागरण और दो दिन 'सांस्कृतिक कार्यक्रम' होने की रिपोर्ट दे दी।
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इसी रिपोर्ट के आधार पर SDM ने अनुमति प्रदान की और गुरुवार को खुद SDM व कोतवाली पुलिस ने कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया। लेकिन उद्घाटन के बाद शुक्रवार और शनिवार की पूरी रात देव स्थान की मर्यादा को ताक पर रखकर बार बालाओं का फूहड़ डांस होता रहा।
कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजते रहे और बार बालाएं ठुमके लगाती रहीं, मगर पुलिस का अनजान बने रहना नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोतवाली के इतने करीब हो रहे आयोजनों की खबर पुलिस को नहीं है, तो इससे साफ जाहिर होता है कि नगर के भीतर रात्रि गश्त केवल कागजों तक ही सीमित है।
यह पहली बार नहीं है जब यहां नियमों की धज्जियां उड़ी हों। बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में भी इसी तरह के कृत्य को लेकर आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। बावजूद इसके, पुलिस ने बिना किसी ठोस पड़ताल के दोबारा कार्यक्रम की अनुमति दे दी।