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लखनऊ में दरोगा पर हमले के बाद नगर निगम का बड़ा एक्शन (IMG: Social Media)
Lucknow: लखनऊ के पारा इलाके में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच नगर निगम की टीम ने अवैध डेयरियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान 3 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी पीएसी के जवान मौके पर तैनात रहे। हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने जवानों की मौजूदगी में टीम ने चार मोहल्लों से करीब 200 भैंसों को पकड़कर हटाया।
दरअसल, रविवार को पारा थाना क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हमला कर दिया गया था। आरोप है कि डेयरी संचालकों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पथराव किया। इस दौरान एक दरोगा का गला दबाने की कोशिश की गई और सिर पर हमला कर घायल करने का आरोप भी लगाया गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की शिकायत पर अबरार, इमरान, सालून, सुबिल, सराफत, अतीक, आशिफ, वारिश, नसीम, रानू, जीशान, नाफिश समेत 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया था।
कार्रवाई के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। मेयर ने कहा कि जो पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए तैनात रहती है, उस पर हमला किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके को साफ किया जाएगा और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मेयर ने कहा कि पुलिस और नगर निगम की टीम के साथ जिस तरह से मारपीट की गई, वह गंभीर मामला है। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की टीम ने सबसे पहले तिकोनिया, गायत्री विहार और ज्ञानेंद्र विहार समेत कई इलाकों में कार्रवाई शुरू की। यहां करीब 10 घरों और डेयरियों से भैंसों को बाहर निकाला गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण इस बार लोगों ने पहले जैसी विरोध की कोशिश नहीं की। इसके बाद टीम हैदर कैनाल के पास कुल्हरकट्टा रोड और डिप्टी खेड़ा इलाके में पहुंची। यहां भी अवैध रूप से रखे गए पशुओं को हटाने की कार्रवाई की गई। कुछ महिलाओं ने विरोध और बहस करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए भैंसों को घरों के अंदर छिपा लिया था। टीम ने घरों में जाकर पशुओं को बाहर निकाला और कैटल कैचर वाहनों के जरिए उन्हें ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजा। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी अभिनव वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान करीब 200 भैंसों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अवैध डेयरियों और नियमों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने बताया कि 16 तारीख को नगर निगम टीम पर हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि टीम को लीड कर रहे दरोगा का गला दबाने और लोहे की चीज से हमला करने की कोशिश की गई थी। इसी वजह से मंगलवार की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए पारा, दुबग्गा और काकोरी थाने की फोर्स के साथ पीएसी तैनात की गई। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के अनुसार, शहरी सीमा में अवैध रूप से डेयरी संचालन और बड़ी संख्या में भैंस पालने से गंदगी, सीवर जाम और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। नगर निगम अधिनियम के तहत शहर में नियमों के खिलाफ पशु पालन पर कार्रवाई की जाती है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान शहर को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए चलाया जा रहा है।
Location : Lucknow
Published : 18 August 2026, 3:57 PM IST