Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब, पेपर लीक आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की मांग

प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 18 August 2026, 3:55 PM IST
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New Delhi: प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। अदालत में दाखिल जनहित याचिका (PIL) में पेपर लीक में शामिल आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों की चल-अचल संपत्ति की जांच कर उसे जब्त करने के निर्देश देने की मांग की गई है।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मंगलवार को अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की गई है।

पेपर लीक आरोपियों की संपत्ति जांच की मांग

याचिका में मांग की गई है कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों की पूरी संपत्ति का मूल्यांकन किया जाए। साथ ही आरोपियों के परिवार के सदस्यों की संपत्ति की भी जांच करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर जांच में अवैध संपत्ति या अपराध से अर्जित धन का पता चलता है तो आरोपियों के खिलाफ—

  • भ्रष्टाचार निवारण कानून
  • मनी लॉन्ड्रिंग कानून
  • बेनामी संपत्ति कानून
  • ब्लैक मनी कानून

के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

सजा लगातार चलाने की मांग

याचिका में यह भी मांग की गई है कि पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने वाले आरोपियों को मिलने वाली अलग-अलग सजाएं एक के बाद एक (consecutive sentences) लागू हों, न कि एक साथ।

याचिकाकर्ता का कहना है कि सख्त सजा व्यवस्था से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

कानून आयोग से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर रिपोर्ट की मांग

याचिका में वैकल्पिक तौर पर कानून आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह दूसरे देशों में पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं का अध्ययन करे और तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे।

सार्वजनिक परीक्षा कानून का भी हुआ जिक्र

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से समयबद्ध जांच और मुकदमे की मांग को फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हो चुका है, जिसमें पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रावधानों को और सख्त किया गया है।

Location :  New Delhi

Published :  18 August 2026, 3:55 PM IST

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