कूड़े के किले में दफन सच्चाई! नहर बनी ‘मौत का गड्ढा’, युवक की दर्दनाक मौत ने खोली सिस्टम की पोल

बरेली के सीबीगंज में एक ऐसी नहर, जो कभी सिंचाई का साधन थी, अब मौत का जाल बन चुकी है। यहां एक युवक की रहस्यमयी मौत ने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। दो दिन तक पानी में पड़ा शव और विभागों की खींचतान ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 30 April 2026, 4:08 PM IST
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Bareilly: बरेली के सीबीगंज क्षेत्र स्थित नंदोसी गांव में सोमवार की रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। पचा गौटिया निवासी 30 वर्षीय मेघनाथ उर्फ राजू रोज की तरह मजदूरी के लिए घर से निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने पहले खुद तलाश की, फिर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उसकी जिंदगी एक कूड़े से भरी नहर में खत्म हो चुकी है।

कूड़े का नाला बनी नहर

नंदोसी गांव से गुजरने वाली यह नहर अब सिंचाई का साधन नहीं बल्कि गंदगी का अंबार बन चुकी है। स्थानीय लोगों ने इसे धीरे-धीरे नाले में बदल दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां न तो कोई बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड, जिससे यह साफ होता है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से गायब थी। बारिश और गंदगी के कारण नहर का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है।

दो दिन तक पानी में पड़ा रहा शव

मंगलवार तक जब राजू घर नहीं लौटा तो परिजन परेशान थे, लेकिन बुधवार सुबह नंदोसी पुलिया के पास ग्रामीणों ने नहर में एक शव देखा। सूचना पर पुलिस पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव बाहर निकाला गया। पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि शव लगभग दो दिन तक पानी में पड़ा रहा और किसी विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं लगी।

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विभागों की खींचतान ने बढ़ाया मामला

हादसे के बाद सिंचाई विभाग और नगर निगम के बीच जिम्मेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया। नगर निगम ने इसे सिंचाई विभाग की नहर बताया, जबकि सिंचाई विभाग ने जमीन पर अपने अधिकार से इनकार कर दिया। इस खींचतान ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है और जनता की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा।

जांच के आदेश

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय पार्षदों ने भी इसे विभागीय लापरवाही का गंभीर मामला बताया है।

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यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में ऐसे हादसे हो चुके हैं, जहां खुले नालों और नहरों में लोगों की जान गई है। लेकिन हर बार जांच के नाम पर मामला ठंडा पड़ जाता है। इस घटना ने एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Bareilly

Published :  30 April 2026, 4:08 PM IST

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