विकास कार्यों के नाम पर लाखों की निकासी का खेल! जांच में खुला बड़ा राज, दो सचिवों और प्रधान पर FIR

बलिया के हल्दीरामपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर 15.55 लाख रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद दो पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में कई कार्य अधूरे या धरातल पर नहीं मिले, जबकि उनके नाम पर भुगतान निकाला जा चुका था।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 June 2026, 6:44 PM IST
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Ballia: बलिया के सीयर ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत हल्दीरामपुर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के कथित गबन का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में 15,55,785 रुपये के अनियमित भुगतान की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन दो पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधान के खिलाफ उभांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच पुलिस को सौंप दी गई है।

नौ विकास कार्यों की जांच में सामने आई गड़बड़ी

एडीओ पंचायत सीयर मनोज कुमार सिंह की तहरीर के अनुसार, ग्राम पंचायत में आरआरसी सेंटर निर्माण सहित कुल नौ विकास कार्यों के लिए सरकारी धन स्वीकृत किया गया था। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न स्तरों पर जांच कराई गई। जांच में कई कार्य अधूरे पाए गए, जबकि कुछ कार्य धरातल पर मौजूद ही नहीं थे।

भुगतान निकला, लेकिन काम नहीं मिला

जांच रिपोर्ट में आरआरसी सेंटर निर्माण के नाम पर सात लाख रुपये तथा अन्य विकास कार्यों में 8.55 लाख रुपये के भुगतान को अनियमित पाया गया। अधिकारियों के अनुसार कार्यों का भुगतान खातों से निकाल लिया गया, लेकिन संबंधित निर्माण और विकास कार्य मौके पर नहीं मिले। इस तरह कुल 15.55 लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।

जवाब संतोषजनक नहीं, दर्ज हुई एफआईआर

जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उभांव थाने में तत्कालीन पंचायत सचिव उपेंद्र, तत्कालीन सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार तथा ग्राम प्रधान अनंत देव सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

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किस पर कितनी जिम्मेदारी?

एफआईआर के अनुसार, लगभग 13.52 लाख रुपये के अनियमित भुगतान के लिए तत्कालीन सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार को जिम्मेदार माना गया है। वहीं 2.03 लाख रुपये के भुगतान के लिए तत्कालीन पंचायत सचिव उपेंद्र की भूमिका सामने आई है। ग्राम प्रधान अनंत देव सिंह यादव को भी मामले में नामजद किया गया है।

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पुलिस जांच शुरू, विभाग में हड़कंप

मामले की जांच उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह को सौंपी गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Ballia

Published :  10 June 2026, 6:44 PM IST

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