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समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है।
आजम खान ने जौहर ट्रस्ट से किया इस्तीफा
Rampur: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। लंबे समय से चल रही कानूनी परेशानियों और जेल यात्राओं के बीच आजम खान ने खुद, उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ ट्रस्ट के सभी पदों से आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह इस्तीफा पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया गया है। आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे पर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में लगातार शिकंजा कसता जा रहा था। ऐसे में ट्रस्ट और उससे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में गंभीर दिक्कतें सामने आ रही थीं, जिसके बाद यह अहम निर्णय लिया गया।
ट्रस्ट के सुचारू संचालन के लिए अब एक नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। आजम खान की बहन निकहत अफलाक को ट्रस्ट का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, आजम खान के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम, जो अब तक केवल ट्रस्टी सदस्य थे, उन्हें ट्रस्ट का नया सचिव बनाया गया है।
नई कार्यकारिणी में समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुश्ताक अहमद सिद्दीकी को उपाध्यक्ष, सपा विधायक नसीर अहमद खान को संयुक्त सचिव और जावेद उर रहमान खान को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इससे साफ है कि ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
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गौरतलब है कि जौहर ट्रस्ट पर किसानों की जमीन कब्जाने सहित 30 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। आजम खान, डॉ. तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम के जेल में रहने के कारण जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों के संचालन में लगातार बाधाएं आ रही थीं।
प्रशासन द्वारा ट्रस्ट की संपत्तियों, लीज और भूमि को लेकर की जा रही कार्रवाई के बीच आजम खान का ट्रस्ट से अलग होना एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले से ट्रस्ट और उससे जुड़े शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स को कानूनी अड़चनों से राहत मिलेगी और संस्थानों का कामकाज बिना रुकावट जारी रह सकेगा।