Ayodhya: राम मंदिर में 2 सितंबर को होगा बड़ा फैसला! ट्रस्ट के इस नए मॉडल से बदल जाएगी पूरी व्यवस्था?

अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर ट्रस्ट अब एक नए दौर की तैयारी में जुटा है। एक अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन होना है। इस बैठक के फैसलों से मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था का नया स्वरूप सामने आ सकता है। अब सबकी नजरें इसी बैठक पर हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 August 2026, 9:54 AM IST
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Ayodhya: राम मंदिर निर्माण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सामने अब मंदिर और उससे जुड़ी बढ़ती व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं पेशेवर तरीके से संचालित करने की चुनौती है। इसी को देखते हुए ट्रस्ट में प्रस्तावित मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के पद को लेकर कवायद तेज हो गई है।

नाम से पहले तय होंगे अधिकार

ट्रस्ट फिलहाल किसी व्यक्ति के नाम पर विचार करने से पहले यह तय करने में जुटा है कि CEO के पास कितने अधिकार होंगे और उसकी जवाबदेही किसके प्रति होगी। ऐसे में यह पद केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि ट्रस्ट के कामकाज के भविष्य के मॉडल की नींव माना जा रहा है।

2 सितंबर की बैठक होगी अहम

सूत्रों के अनुसार, 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के कार्य, अधिकार, जिम्मेदारियों और जवाबदेही के प्रस्तावित ढांचे पर अहम चर्चा हो सकती है। सदस्यों की सहमति बनने के बाद इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

इसके बाद ही CEO पद के लिए संभावित नामों पर विचार आगे बढ़ने की संभावना है। फिलहाल किसी भी नाम को अंतिम नहीं माना जा रहा है।

महासचिव और CEO की भूमिका पर मंथन

CEO की नियुक्ति से पहले ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल उसके कार्यक्षेत्र को लेकर है। खास तौर पर यह तय करना जरूरी होगा कि CEO की भूमिका ट्रस्ट के महासचिव और अन्य पदाधिकारियों से किस तरह अलग होगी।

ट्रस्ट इसी बिंदु पर विस्तृत खाका तैयार कर रहा है, ताकि भविष्य में अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर किसी तरह का टकराव न हो।

पहले तय होगा CEO क्या करेगा

मौजूदा कवायद में ट्रस्ट का फोकस किसी चेहरे से ज्यादा पद की भूमिका तय करने पर है। यानी पहले यह तय किया जाएगा कि CEO किन मामलों में निर्णय ले सकेगा, उसकी जिम्मेदारियां क्या होंगी और किन महत्वपूर्ण फैसलों के लिए ट्रस्ट या उसके पदाधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी।

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प्रवक्ता की नियुक्ति पर भी नजर

2 सितंबर की बैठक केवल CEO व्यवस्था के कारण ही अहम नहीं है। ट्रस्ट के प्रवक्ता और कुछ रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर भी इसी बैठक में फैसला होने की संभावना है।

प्रवक्ता पद के लिए कई नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। इनमें राज परिवार के सदस्य यतींद्र मोहन मिश्र का नाम भी शामिल है। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें ट्रस्ट में सदस्य के रूप में शामिल कर प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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रिक्त पद पर संघ पदाधिकारी का नाम

वहीं, डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे से खाली हुए पद पर किसी संघ पदाधिकारी की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि इन सभी मामलों में अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2 सितंबर की बैठक के बाद राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था किस नए रूप में सामने आएगी।

Location :  Ayodhya

Published :  27 August 2026, 9:54 AM IST

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