महिलाओं की सुनवाई आखिर कब होगी? अमेठी पहुंचीं महिला आयोग सदस्य ने अधिकारियों की लापरवाही पर जताई सख्त नाराजगी

अमेठी में महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने खुद माना कि कई मामलों में अधिकारियों ने निर्देशों के बावजूद समय पर कदम नहीं उठाए। जनसुनवाई में पुरानी शिकायतें दोबारा पहुंचने से आयोग भी सख्त नजर आया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 27 July 2026, 7:40 PM IST
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Amethi: महिलाओं की शिकायतों पर समय से कार्रवाई न होने का मामला एक बार फिर सामने आया है। सोमवार को अमेठी के दौरे पर पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने जनसुनवाई के दौरान माना कि महिलाओं से जुड़े कई मामलों में जिला स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। सबसे हैरानी की बात यह रही कि जिन मामलों में पिछली जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, उन्हीं में से कुछ पीड़ित महिलाएं दोबारा आयोग के सामने अपनी शिकायत लेकर पहुंच गईं। इस पर आयोग की सदस्य ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया।

18 से 20 मामलों की हुई सुनवाई

जनसुनवाई के दौरान करीब 18 से 20 मामलों को सुना गया। इनमें घरेलू हिंसा, जमीन विवाद, महिलाओं के उत्पीड़न और अपहरण जैसे मामले शामिल थे। हर शिकायत को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हालांकि, दोबारा सामने आए पुराने मामलों ने आयोग की कार्यवाही पर सवाल खड़े कर दिए। प्रियंका मौर्य ने कहा कि महिला आयोग तक पहुंचने वाली हर शिकायत इस बात का संकेत होती है कि पीड़िता को स्थानीय स्तर पर राहत नहीं मिली। ऐसे में अगर आयोग के निर्देशों के बाद भी कार्रवाई न हो, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

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पुरानी शिकायतें फिर पहुंचीं आयोग के पास

मीडिया से बातचीत में प्रियंका मौर्य ने बताया कि उनके पास तीन से चार ऐसे मामले आए, जो पिछली जनसुनवाई में भी दर्ज हुए थे। उस समय संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन पीड़िताओं का कहना है कि अब तक उनके मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं बार-बार एक ही समस्या लेकर आयोग के पास आने को मजबूर हों, तो यह साफ संकेत है कि जिला स्तर पर कहीं न कहीं लापरवाही हो रही है। ऐसे मामलों को आयोग गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगेगा।

राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि अधिकांश महिलाएं तब आयोग का दरवाजा खटखटाती हैं, जब उन्हें कहीं और से न्याय नहीं मिलता। अगर महिला आयोग के निर्देशों का भी पालन नहीं होता, तो पीड़िताओं का भरोसा व्यवस्था से उठ सकता है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराना भी है। इसलिए जिन मामलों में लापरवाही सामने आई है, उनमें विशेष निगरानी रखी जाएगी।

प्रियंका मौर्य ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल विवादों का समाधान करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि महिलाओं तक सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर लगातार काम कर रही है और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

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अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

महिला आयोग की सदस्य ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उनमें विशेष संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संबंधित विभागों से जवाब मांगा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को अपनी समस्या लेकर बार-बार आयोग के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। आयोग लगातार इस बात की निगरानी करेगा कि हर शिकायत का समय पर और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण हो।

Location :  Amethi

Published :  27 July 2026, 7:40 PM IST

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