मेरठ में नोकझोंक के बीच अखिलेश यादव का हमला, बोले- कपसाड़ कांड में ये भागीदार, बुलडोजर मूक दर्शक

मेरठ के कपसाड़ कांड को लेकर यूपी की राजनीति गरमा गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर इसे निंदनीय बताया और कहा कि भाजपा शासन-प्रशासन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। आरोप लगाया कि भाजपा अपराधियों को बचा रही है और हत्या-अपहरण की इस घटना में सत्ता पूरी तरह भागीदार है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 10 January 2026, 6:55 PM IST
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Meerut: मेरठ के कपसाड़ कांड ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। अनुसूचित जाति की महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को पुलिस के रोके जाने के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया। इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा ट्वीट कर भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अखिलेश यादव का ट्वीट

अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि मेरठ में ‘हत्या-अपहरण’ के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा के वरिष्ठ सांसद को रोका जाना बेहद निंदनीय है। उप्र का भाजपा शासन-प्रशासन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। भाजपा अपराधी को बचा रही है। बुलडोजर की कार्रवाई मूक दर्शक बन कर खड़ी है। एक मां और घर की बहन-बेटी का महत्व और मान क्या होता है ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है, कोई सियासतदार नहीं।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

उन्होंने लिखा कि भाजपा भी इस हत्याकांड और बेटी के अपहरण में पूरी तरह भागीदार है। ऐसे भ्रष्ट और पक्षपाती शासन से अच्छा तो शासन का न होना है। भाजपा के समर्थक तक इससे शर्मिंदा हैं। कल को इस आग की आंच उनके घरों तक भी पहुंचेगी। अपराधी किसी की नेमप्लेट देखकर नहीं घुसते हैं।

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अखिलेश यादव का ट्वीट

पुलिस से तीखी नोकझोंक

शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन, सरधना विधायक अतुल प्रधान के साथ पीड़ित परिवार से मिलने कपसाड़ गांव जा रहे थे। हालांकि मेरठ पुलिस ने दोनों नेताओं को परतापुर टोल प्लाजा पर ही रोक लिया। आगे बढ़ने से रोके जाने पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। यह धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।

टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ

जब पुलिस ने गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी तो रामजीलाल सुमन और अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए। रामजीलाल सुमन का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर राजनीतिक प्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने से रोक रहा है। जिससे सरकार की विफलता सामने न आ सके। विधायक अतुल प्रधान ने सवाल उठाया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही अपहरण युवती का कोई सुराग मिला है।

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क्या है पूरा मामला

यह घटना सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव की है। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला पारस अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और हथियारों के बल पर युवती का अपहरण कर लिया। मां ने जब विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

Location : 
  • Meerut

Published : 
  • 10 January 2026, 6:55 PM IST

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